12-18 अक्टूबर/October, 2020

‘सप्ताह का प्रादर्श’
(12 से 18 अक्टूबर, 2020 तक)

कोविड-19 महामारी के प्रसार के कारण दुनिया भर के संग्रहालय बंद है लेकिन यह सभी अपने दर्शकों के साथ निरंतर रूप से जुड़े रहने के लिए विभिन्न अभिनव तरीके अपना रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय ने भी इस महामारी द्वारा प्रस्तुत की गई चुनौतियो का सामना करने के लिए कई अभिनव प्रयास प्रारंभ किए है। अपने एक ऐसे ही प्रयास के अंतर्गत मानव संग्रहालय ‘सप्ताह का प्रादर्श’ नामक एक नवीन श्रृंखला प्रस्तुत कर रहा है। पूरे भारत से किए गए अपने संकलन को दर्शाने के लिए संग्रहालय इस श्रंखला के प्रारंभ में अपने संकलन की अति उत्कृष्ट कृतियां प्रस्तुत कर रहा है जिन्हें एक विशिष्ट समुदाय या क्षेत्र के सांस्कृतिक इतिहास में योगदान के संदर्भ में अद्वितीय माना जाता है। यह अति उत्कृष्ट कृतियां संग्रहालय के ‘AA’और ‘A’ वर्गों से संबंधित हैं। इन वर्गों में कुल 64 प्रादर्श हैं।

गफली, सुसज्जित आनुष्ठानिक  टोकरी।

गफली नामक आनुष्ठानिक  टोकरी मुरिया लोगों के सज्जा  कला के प्रति उनके गहरे चाव  का प्रतिनिधित्व करती  है।कौड़ियों और गोलाकार दर्पणों से सजी गफली वैवाहिक  उपयोग में लाई  जाती   है। गफली की बनावट  बांस की पतली  पट्टियों का उपयोग करते हुए टोकरी की बुनाई के साथ शुरू होती है। एक बार टोकरी के आकार लेने के बाद इसे सूती कपड़े से ढँक दिया जाता  है जिससे बांस के कोई भी निशान दिखाई नहीं देते । इसके बाद कलाकारी का काम शुरू होता है। कई कौड़ियों को  टोकरी के चारों तरफ, दर्पण के लिए गोलाकार जगह छोड़ते हुए सिला जाता है। आकर्षण  बढ़ाने के लिए दर्पणों  को  रंगीन धागों से सिला जाता है । कौड़ी से सुसज्जित एक मोटा धागा पेंदे  के चारों  कोनों से लटका हुआ रहता है।

आरोहण क्रमांक :  91.19
स्थानीय नाम: गफली, सुसज्जित आनुष्ठानिक  टोकरी।
जनजाति/समुदाय : मुरिया
स्थान: बस्तर, छत्तीसगढ़
माप: ऊंचाई : 17 सेमी।, चौड़ाई – 255 सेमी।

श्रेणी : ’A‘ 

OBJECT OF THE WEEK
(12th to 18th October, 2020)

Due to spread of COVID-19 pandemic the museums throughout the world are closed but identifying different innovative ways to remain connected to their visitors. Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya (National Museum of Mankind) has also taken up many new initiatives to face the challenges posed by this pandemic. In one such step it is coming up with a new series entitled ‘Object of the Week’ to showcase its collection from all over India. Initially this series will focus on the masterpieces from its collection which are considered as unique for their contribution to the cultural history of a particular ethnic group or area. These masterpieces belong to the “AA” & “A” category. There are 64 objects in these categories.

GAFLI, Decorated ceremonial basket

Gafli is a representation of Muria’s passion of decorative art. Adorned with numerous cowries shell and circular mirrors, Gafli is meant for marriage purpose. Making of Gafli begins with weaving of basket utilizing flat bamboo splits. Once the basket takes shape it is covered with cotton cloth leaving no signs of bamboo exposed. Thereafter starts the work of art where numerous cowries shells are stitched round the basket leaving circular space where mirrors are fixed with colorful threads making it more appealing. A thick thread with cowrie shell decoration hangs from all four base corners.

Accession No.:   91.19
Local Name – GAFLI, Decorated ceremonial basket
Tribe/Community – Muria
Locality – Bastar, Chhatisgarh
Measurement  – Height –  17 cm., Width
– 25 cm
Category –  ‘A’