02-08 नवम्बर/November, 2020

‘सप्ताह का प्रादर्श’
(02 से 08 नवम्बर, 2020 तक)

कोविड-19 महामारी के प्रसार के कारण दुनिया भर के संग्रहालय बंद है लेकिन यह सभी अपने दर्शकों के साथ निरंतर रूप से जुड़े रहने के लिए विभिन्न अभिनव तरीके अपना रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय ने भी इस महामारी द्वारा प्रस्तुत की गई चुनौतियो का सामना करने के लिए कई अभिनव प्रयास प्रारंभ किए है। अपने एक ऐसे ही प्रयास के अंतर्गत मानव संग्रहालय ‘सप्ताह का प्रादर्श’ नामक एक नवीन श्रृंखला प्रस्तुत कर रहा है। पूरे भारत से किए गए अपने संकलन को दर्शाने के लिए संग्रहालय इस श्रंखला के प्रारंभ में अपने संकलन की अति उत्कृष्ट कृतियां प्रस्तुत कर रहा है जिन्हें एक विशिष्ट समुदाय या क्षेत्र के सांस्कृतिक इतिहास में योगदान के संदर्भ में अद्वितीय माना जाता है। यह अति उत्कृष्ट कृतियां संग्रहालय के ‘AA’और ‘A’ वर्गों से संबंधित हैं। इन वर्गों में कुल 64 प्रादर्श हैं।

थोनी, लकड़ी का अनाज पात्र

यह एक स्थानीय प्रजाति अंजलि की लकड़ी के एक ही टुकड़े को कुरेद कर बनाया गया एक वृहद बेलनाकार अनाज-पात्र है। इसकी ऊपरी सतह पर भंडारित अनाज को बाहर निकालने के लिए लकड़ी का एक दरवाज़ा है। पहले इस तरह के लकड़ी के अनाज-पात्र केरल के ग्रामीण लोगों द्वारा खाद्यान्न का भंडारण करने के लिए उपयोग किए जाते थे। यह खासतौर पर आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों द्वारा अपने अनाज को लंबे समय तक सुरक्षित रूप से संग्रहित करने और साथ ही अनाज को कीड़ों, मूषकों, पक्षियों और चोरों से बचाने के लिए उपयोग किए जाते रहे हैं। सामान्यतः इस पात्र को घर के भंडार गृह में अनाज को सुरक्षित रूप से भंडारित करने के लिए रखा जाता है। कठोर वन नीतियों के लागू होने के कारण पेड़ों की कटाई प्रतिबंधित होने से इस तरह के विशाल प्रादर्श अब स्थानीय समुदाय में दुर्लभ हो गए हैं तथा निर्माण या उपयोग नहीं किए जाते हैं। अब यह अनाज-पात्र लकड़ी एवं अन्य सामग्रियों से बने तुलनात्मक रूप से छोटे पात्रों द्वारा प्रतिस्थापित कर दिए गए हैं।

आरोहण क्रमांक – 99.03
स्थानीय नाम – थोनी,
लकड़ी का अनाज पात्र
जनजाति / समुदाय – ग्रामीण समुदाय
स्थानीयता – कोल्लम, केरल
माप – ऊँचाई –  94 सेमी, लम्बाई – 258 सेमी, गोलाई –  302 सेमी।
श्रेणी – ‘एए’

OBJECT OF THE WEEK
(02 to 08 November, 2020)

Due to spread of COVID-19 pandemic the museums throughout the world are closed but identifying different innovative ways to remain connected to their visitors. Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya (National Museum of Mankind) has also taken up many new initiatives to face the challenges posed by this pandemic. In one such step it is coming up with a new series entitled ‘Object of the Week’ to showcase its collection from all over India. Initially this series will focus on the masterpieces from its collection which are considered as unique for their contribution to the cultural history of a particular ethnic group or area. These masterpieces belong to the “AA” & “A” category. There are 64 objects in these categories.

THONI, A wooden grain bin

This is a large barrel-shaped grain bin carved out of a single log of wood of a local species known as Anjali. It has an opening on the top surface with a rigid wooden flap.  Earlier, these kind of wooden bins were used to store food grains by the rural people of Kerala. It is especially used by the economically sound families to safely store their grains for a long time and protect the grains from insects, rodents, birds, and thieves. The bin is generally kept in the storeroom to secure the storage of food and edibles. With the imposition of strict forest policies, cutting off the tree is prevented and considered an unlawful activity. Now a days this kind of a colossal object has become rare to the community and is no longer prepared or used. Now it is replaced by relatively smaller bins made of wood and other materials.

Accession No.  –    99.03
Local Name – THONI, a wooden grain bin.
Tribe/Community –    Rural people
Locality  –    Kollam, Kerala
Measurement –    Length – 258 cm, Width – 94 cm., Sphericity – 302 cm.
Category – ‘AA’