23-29 नवम्बर/November, 2020

‘सप्ताह का प्रादर्श’
(23 से 29 नवम्बर, 2020 तक)

कोविड-19 महामारी के प्रसार के कारण दुनिया भर के संग्रहालय बंद है लेकिन यह सभी अपने दर्शकों के साथ निरंतर रूप से जुड़े रहने के लिए विभिन्न अभिनव तरीके अपना रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय ने भी इस महामारी द्वारा प्रस्तुत की गई चुनौतियो का सामना करने के लिए कई अभिनव प्रयास प्रारंभ किए है। अपने एक ऐसे ही प्रयास के अंतर्गत मानव संग्रहालय ‘सप्ताह का प्रादर्श’ नामक एक नवीन श्रृंखला प्रस्तुत कर रहा है। पूरे भारत से किए गए अपने संकलन को दर्शाने के लिए संग्रहालय इस श्रंखला के प्रारंभ में अपने संकलन की अति उत्कृष्ट कृतियां प्रस्तुत कर रहा है जिन्हें एक विशिष्ट समुदाय या क्षेत्र के सांस्कृतिक इतिहास में योगदान के संदर्भ में अद्वितीय माना जाता है। यह अति उत्कृष्ट कृतियां संग्रहालय के ‘AA’और ‘A’ वर्गों से संबंधित हैं। इन वर्गों में कुल 64 प्रादर्श हैं।

दौखो, ऊनी कोट

दौखो एक पारंपरिक ऊनी कोट है जिसका इस्तेमाल चमोली, उत्तराखंड के भोटिया समुदाय द्वारा किया जाता है। यह एक छोटी आस्तीन रहित जैकेट है जो घुटनों तक  लंबी है और कमर पर ऊनी कमरबंद से बांधी जाती  है। दौखो आमतौर पर भेड़ या बकरी के बिना रंगे सफेद ऊन से बने होते हैं। बहुत गर्म होने के कारण यह जैकेट खानाबदोशों को अत्याधिक ठंडे मौसम से बचाता है। उच्च पर्वतीय श्रृंखला में बसे भोटिया पारंपरिक रूप से घुमंतू पशुपालक है तथा बुनाई और कृषि करते हैं। इनमें ऊनी हथकरघा शिल्प के प्रचलन का एक लंबा इतिहास रहा है। भोटिया शॉल, स्वेटर, कंबल, टोपी, कालीन आदि विभिन्न ऊनी वस्तुओं की बुनाई करते हैं। बुनाई जहां मुख्य रूप से महिलाओं का क्षेत्र है वही ऊन निकालने और उसके प्रसंस्करण का कार्य मुख्य रूप से पुरुषों के द्वारा किया जाता है। ऊनी कपड़ों की बुनाई भोटिया महिलाओं द्वारा केवल सर्दियों के दौरान ही की जाती है क्योंकि उनकी अन्य मौसमी व्यस्तताएँ भी होती हैं जैसे कि फसलों की खेती,  कटाई और भंडारण। भोटिया इन ऊनी वस्तुओं को न केवल स्वयं के उपयोग के लिए बुनते हैं बल्कि आस-पास के बाजारों में भी बेचते हैं और ऊनी सामग्रियों को बेचने के लिए सुदूर गांवों में भी जाते हैं।

आरोहण क्रमांक – 88-124
स्थानीय नाम – दौखो, ऊनी कोट
जनजाति / समुदाय – भोटिया
स्थानीयता – चमोली, उत्तराखंड
माप -लम्बाई –  90 सेमी, चौड़ाई- 85 सेमी।
श्रेणी – ‘ए’

OBJECT OF THE WEEK
(22nd to 29th November, 2020)

Due to spread of COVID-19 pandemic the museums throughout the world are closed but identifying different innovative ways to remain connected to their visitors. Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya (National Museum of Mankind) has also taken up many new initiatives to face the challenges posed by this pandemic. In one such step it is coming up with a new series entitled ‘Object of the Week’ to showcase its collection from all over India. Initially this series will focus on the masterpieces from its collection which are considered as unique for their contribution to the cultural history of a particular ethnic group or area. These masterpieces belong to the “AA” & “A” category. There are 64 objects in these categories.

Doukho, woolen coat

Doukho is a traditional woolen coat used by the Bhotia community of chamoli, Uttarakhand. It is a short sleeveless jacket reaches up to the knees and tied at waist by a woolen girdle. Doukhos are usually made of un – dyed white wool of the sheep or goat. As the jacket is very warm, it protect the nomads from exterme cold weather. Bhotia inhabiting in the high mountainous range has traditionaly been associated with practice of pastoral nomadism, weaving and agriculture. So woolen handloom craft prevalent among Bhotias has a long history. Bhotias weave various woolen items like shawl, sweater, blankets, caps, carpets etc. Weaving is mainly the autonomy of the women folk where as extracting wool and processing work is mainly done by the male folk. Woolen clothes are woven by the Bhotia women only during winters as they have other seasonal engagements such as cultivation, harvesting and storing the crops. Bhotias weave these woolen items not only for self use but also sell it in nearby markets and go to remote villages to sell the woolen materials.

Accession No.  –    88.124
Local Name – Doukho, woolen coat

Tribe/Community – Bhotia
Locality  – Chamoli, Uttarakhand
Measurement –    Length – 90 cm, Width – 85 cm.
Category – ‘AA’

दौखो, ऊनी कोटDoukho, woolen coat