07-13 दिसम्बर/December, 2020

‘सप्ताह का प्रादर्श’
(07 से 13 दिसम्बर, 2020 तक)

कोविड-19 महामारी के प्रसार के कारण दुनिया भर के संग्रहालय बंद है लेकिन यह सभी अपने दर्शकों के साथ निरंतर रूप से जुड़े रहने के लिए विभिन्न अभिनव तरीके अपना रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय ने भी इस महामारी द्वारा प्रस्तुत की गई चुनौतियो का सामना करने के लिए कई अभिनव प्रयास प्रारंभ किए है। अपने एक ऐसे ही प्रयास के अंतर्गत मानव संग्रहालय ‘सप्ताह का प्रादर्श’ नामक एक नवीन श्रृंखला प्रस्तुत कर रहा है। पूरे भारत से किए गए अपने संकलन को दर्शाने के लिए संग्रहालय इस श्रंखला के प्रारंभ में अपने संकलन की अति उत्कृष्ट कृतियां प्रस्तुत कर रहा है जिन्हें एक विशिष्ट समुदाय या क्षेत्र के सांस्कृतिक इतिहास में योगदान के संदर्भ में अद्वितीय माना जाता है। यह अति उत्कृष्ट कृतियां संग्रहालय के ‘AA’और ‘A’ वर्गों से संबंधित हैं। इन वर्गों में कुल 64 प्रादर्श हैं।

मणक्कलम,   लकड़ी का दहेज पात्र

मणक्कलम एक पारंपरिक दहेज पात्र है जिसे दुल्हन को अपने कीमती सामान जैसे सोने के आभूषण, वस्त्र आदि रखने के लिए उसके माता-पिता द्वारा उपहार में दिया जाता है। यह कठहल की लकड़ी से बना  एक मटका नुमा पात्र है जिसका ढक्कन शंक्वाकार है।  ढक्कन पर पीतल की एक गोल कुण्डी इसे खोलने और बंद करने के लिए लगाई गई है। पीतल की  कुंडी, कब्जे और अलंकरण पात्र को अत्यंत आकर्षक बनाते हैं।  खूबसूरती से सजाए गए दहेज के ऐंसे पात्र पारंपरिक रूप से अभिजात्य परिवारों की महिलाओं द्वारा उपयोग किए जाते हैं। यद्यपि इस तरह के आभूषण पात्र अब प्रचलन में नहीं हैं और इनके स्थान पर आधुनिक आभूषण पात्रों का प्रयोग होने लगा है तथापि अभी भी कई परिवार इस परंपरा को संरक्षित और जारी रखने का प्रयास कर रहे हैं।

आरोहण क्रमांक – 92.291
स्थानीय नाम – मणक्कलम,   लकड़ी का दहेज पात्र
समुदाय – लोकसमुदाय
स्थानीयता –मन्नाडी, केरल
माप – ऊँचाई – 31 सेमी; चौड़ाई- 24 सेमी; परिधि – 75 सेमी।
श्रेणी – ‘ए’

OBJECT OF THE WEEK
(07th to 13th December, 2020)

Due to spread of COVID-19 pandemic the museums throughout the world are closed but identifying different innovative ways to remain connected to their visitors. Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya (National Museum of Mankind) has also taken up many new initiatives to face the challenges posed by this pandemic. In one such step it is coming up with a new series entitled ‘Object of the Week’ to showcase its collection from all over India. Initially this series will focus on the masterpieces from its collection which are considered as unique for their contribution to the cultural history of a particular ethnic group or area. These masterpieces belong to the “AA” & “A” category. There are 64 objects in these categories.

Mankallam, a pot shaped wooden dowry chest

Mankallam is a traditional dowry chest gifted to the bride by her parents to store her valuable belongings such as gold ornaments. It is a pot shaped wooden chest with a conical lid. A brass ring is attached to the lid as an aid for opening and closing the lid. This is made of jack fruit wood. The brass metal designs, hinges and fittings makes the chest very prominent. These beautifully decorated dowry chests are traditionally used by the women of aristocratic families. Although these kind of jewellary boxes are no more in vogue and is replaced by modern jewellery boxes. But still many families are trying to preserve and continue this tradition.

Acc. No. –  92.291
Local Name  –  Mankallam, a pot shaped wooden dowry chest
Tribe/Community – Folk
Locality   –  Mannady, Kerala
Measurement – Height – 30  cm., Width- 24cm; Circumference– 75 cm
Category –   ‘A’

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