11 -17 जनवरी/January, 2021

‘सप्ताह का प्रादर्श श्रृंखला-34’
(11 से 17 जनवरी, 2021 तक)

कोविड-19 महामारी के प्रसार के कारण दुनिया भर के संग्रहालय बंद है लेकिन यह सभी अपने दर्शकों के साथ निरंतर रूप से जुड़े रहने के लिए विभिन्न अभिनव तरीके अपना रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय ने भी इस महामारी द्वारा प्रस्तुत की गई चुनौतियो का सामना करने के लिए कई अभिनव प्रयास प्रारंभ किए है। अपने एक ऐसे ही प्रयास के अंतर्गत मानव संग्रहालय ‘सप्ताह का प्रादर्श’ नामक एक नवीन श्रृंखला प्रस्तुत कर रहा है। पूरे भारत से किए गए अपने संकलन को दर्शाने के लिए संग्रहालय इस श्रंखला के प्रारंभ में अपने संकलन की अति उत्कृष्ट कृतियां प्रस्तुत कर रहा है जिन्हें एक विशिष्ट समुदाय या क्षेत्र के सांस्कृतिक इतिहास में योगदान के संदर्भ में अद्वितीय माना जाता है। यह अति उत्कृष्ट कृतियां संग्रहालय के ‘AA’और ‘A’ वर्गों से संबंधित हैं। इन वर्गों में कुल 64 प्रादर्श हैं।

झारी
मिश्र धातु से बना मदिरा पात्र

झारी मिश्र धातु से बना एक मदिरा पात्र है। इसका उपयोग बस्तर, छत्तीसगढ़ के बाइसन हॉर्न समुदाय के लोगों द्वारा स्थानीय शराब (महुआ दारू या सल्फी) के भंडारण के लिए किया जाता है। पात्र का आधार गोलाकार है, मध्य भाग बाहर की ओर उभरा हुआ है और इसकी वृत्ताकार परिधि को चारों ओर घुंघरुओं से सजाया गया है। ये गोल लटकनें हिलने पर ध्वनि उत्पन्न करती हैं। ऊपरी हिस्से में ज्यामितीय प्रतिमानों में विस्तृत रूपांकन हैं। पात्र में शराब डालने के लिए इसमें एक ढक्कन भी है। शराब परोसने और पीने के लिए घुंघरुओं से सुसज्जित घुमावदार टोंटी लगाई गई है।

महुआ शराब, एक स्थानीय मादक पेय के रूप में, पारंपरिक मारिया जीवन के सामाजिक-धार्मिक और आर्थिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसे ये स्वयं तैयार करते हैं और अपनी  आवश्यकता के अनुसार  उपभोग के लिए संग्रहीत करते हैं। उत्सवों या सामाजिक समारोहों के दौरान पत्तियों से बने दोनों में झारी से शराब परोसी जाती है। बाइसन-हॉर्न मारिया जनजाति आमतौर पर  घढ़वा कारीगरों से झारी लेते हैं जो लॉस्ट वैक्स तकनीक से बनाए जाने वाले पारंपरिक धातु शिल्प में विशेषज्ञता रखते हैं।

समय के साथ, इस तरह के मदिरा पात्रों के स्थान पर कांच की बोतलों का प्रयोग किया जा रहा है, जो स्थानीय बाजारों में सुलभ और सस्ते में उपलब्ध हैं।

आरोहण क्रमांक :  96 – 406
स्थानीय नाम: झारी, मिश्र धातु से बना मदिरा पात्र।
जनजाति/समुदाय : बाइसन – हॉर्न मारिया
स्थान: बस्तर, छत्तीसगढ़
माप: ऊँचाई – 27 सेमी।, चौड़ाई -26.6 सेमी।,

श्रेणी : ’A‘ 

OBJECT OF THE WEEK SERIES-34
(11th to 17th January, 2021)

Due to spread of COVID-19 pandemic the museums throughout the world are closed but identifying different innovative ways to remain connected to their visitors. Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya (National Museum of Mankind) has also taken up many new initiatives to face the challenges posed by this pandemic. In one such step it is coming up with a new series entitled ‘Object of the Week’ to showcase its collection from all over India. Initially this series will focus on the masterpieces from its collection which are considered as unique for their contribution to the cultural history of a particular ethnic group or area. These masterpieces belong to the “AA” & “A” category. There are 64 objects in these categories.

JHARI
Liquor container made of bell metal

Jhari is a liquor container made of bell metal. It is used for storing the local liquor (Mahua daru or Salfi) by the Bison Horn Maria people of Bastar, Chhattisgarh. The container has a circular base with a projected body at the middle that contains jingles decorated around its circular periphery. This circular hanging element produces sound when shaken.

The upper body contains elaborate designs laid in geometrical patterns. It also has a detachable lid to meet the functional requirement of pouring liquor into the container. A curved spout decorated with jingles is fitted to fulfill the purpose of serving and drinking the liquor.

Mahua liquor, as a local brew, plays an important role in the socio-religious and economic sphere of the traditional Maria life.  It is distilled by themselves and stored for consumption according to their needs.  During ceremonies or social gatherings, liquor is served through Jhari into the cups made of leaves. The Bison-Horn Maria tribe usually acquire Jhari from the Gharwa artisans specializing in traditional metal crafts prepared by the lost wax techniques.

Over time, the liquor container of this kind is being replaced by glass bottles, which are affordable and cheaply available in the local markets.

Accession No.:  96.406
Local Name – JHARI, Liquor container made of bell metal
Tribe/Community – Bison – Horn Maria
Locality – Bastar, Chhattisgarh
Measurement  – Height –  27cm ., Max Width –26.6  cm.,
Category –  ‘A’

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