22 -28 फरवरी/February, 2021

‘सप्ताह का प्रादर्श-40’
(22 से 28 फरवरी, 2021 तक)

कोविड-19 महामारी के प्रसार के कारण दुनिया भर के संग्रहालय बंद है लेकिन यह सभी अपने दर्शकों के साथ निरंतर रूप से जुड़े रहने के लिए विभिन्न अभिनव तरीके अपना रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय ने भी इस महामारी द्वारा प्रस्तुत की गई चुनौतियो का सामना करने के लिए कई अभिनव प्रयास प्रारंभ किए है। अपने एक ऐसे ही प्रयास के अंतर्गत मानव संग्रहालय ‘सप्ताह का प्रादर्श’ नामक एक नवीन श्रृंखला प्रस्तुत कर रहा है। पूरे भारत से किए गए अपने संकलन को दर्शाने के लिए संग्रहालय इस श्रंखला के प्रारंभ में अपने संकलन की अति उत्कृष्ट कृतियां प्रस्तुत कर रहा है जिन्हें एक विशिष्ट समुदाय या क्षेत्र के सांस्कृतिक इतिहास में योगदान के संदर्भ में अद्वितीय माना जाता है। यह अति उत्कृष्ट कृतियां संग्रहालय के ‘AA’और ‘A’ वर्गों से संबंधित हैं। इन वर्गों में कुल 64 प्रादर्श हैं।

फूलदान, ढोकरा शिल्प का फूलदान

फूलदान, पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा के पारंपरिक ढोकरा शिल्प का एक अत्यंत ही सुंदर उदाहरण है। यह अलंकृत फूलदान लॉस्ट वैक्स हालो कास्टिंग तकनीक द्वारा निर्मित है।इस पर जीवन शैली प्रतिमानों से संबंधित आकृतियां बनाई गई हैं। पश्चिम बंगाल के कर्मकार समुदाय का यह शिल्प अद्वितीय है। पूरे फूलदान को तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है, गले के हिस्से में विभिन्न वाद्य यंत्र वादकों को दर्शाया गया है, पात्र के मध्य और गोलाकार भाग पर लोक समाज के दैनिक जीवन की गतिविधियों को दर्शाया गया है और निचले हिस्से पर विभिन्न वाद्ययंत्रों को बजाते हुए मानव आकृतियां दर्शाई गई है।

आरोहण क्रमांक – 97.535
स्थानीय नाम – फूलदान, ढोकरा शिल्प का फूलदान
समुदाय – ढोकरा
स्थानीयता –बांकुड़ा, पश्चिम बंगाल
माप – ऊँचाई – 83 सेमी, गोलाई – 76 सेमी
श्रेणी – ‘ए’

OBJECT OF THE WEEK-40
(22-28 February, 2021)

Due to spread of COVID-19 pandemic the museums throughout the world are closed but identifying different innovative ways to remain connected to their visitors. Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya (National Museum of Mankind) has also taken up many new initiatives to face the challenges posed by this pandemic. In one such step it is coming up with a new series entitled ‘Object of the Week’ to showcase its collection from all over India. Initially this series will focus on the masterpieces from its collection which are considered as unique for their contribution to the cultural history of a particular ethnic group or area. These masterpieces belong to the “AA” & “A” category. There are 64 objects in these categories.

PHOOLDAN, Dhokra craft flower vase

Phooldan is a traditional dokra craft flower pot of Bankura, West Bengal. It is a decorated flower pot made by using the lost wax hollow casting technique (Cire Perdue). It depicts embossed figures related to various forms of lifestyle pattern. This kind of craft is unique to the state of West Bengal and is practiced by the Karmakar community. The whole flower pot can be divided into three parts i.e. neck part having human figures playing different musical instruments, the centre portion having a globular body depicts the daily life activities of the folk society and the base of the pot having human figures playing different musical instruments.

Acc. No. –  97.535
Local Name  –  PHOOLDAN, Dhokra craft flower vase
Tribe/Community – Dokra
Locality   – Bankura, West Bengal
Measurement – Length –  83 cm.,  Dia.-  76 cm.
Category –   ‘A’

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