ऑनलाइन प्रदर्शनी श्रृंखला – Online Exhibition Series-2

ऑनलाइन प्रदर्शनी श्रृंखला-2 : वीथि संकुल (एक अंतरंग प्रदर्शनी भवन)

इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय (इंगांरामासं) की विशेष ताओं में 200 एकड़ के परिसर में विस्तृत मुख्य मुक्ता काश प्रदर्शनियों के साथ वीथि संकुल नामक एक अंतरंग प्रदर्शनी भवन भी है। वीथि संकुल में 12 दीर्घायें है जो कि मानव के जैव-सांस्कृतिक उद्विकास एवं विभिन्ताओं को प्रदर्शित करती हैं। इसमें मुख्यतः प्रागैतिहासिक कालीन मानव जीवन के साथ-साथ समकालीन सामाजिक जीवन की अवस्थायें, उनके जीवन यापन के तरीके, कलायें, पूजा-पाठ, वैवाहिक गतिविधियाँ, आभूषणों की विविधताएं लोक तथा जनजातीय संगीत वाद्ययंत्र, प्रदर्शनकारी कलाओं, मुखौटों, आध्यात्मिक क्रिया कलापों के साथ-साथ देश के उत्त्र पूर्वी राज्यों की संस्कृतियों के प्रादर्शो को प्रदर्शित किया गया है। 

यह वीडियो प्रस्तुति वीथि संकुल के दीर्घा क्रमांक 03 में आयोजित प्रदर्शनी ’’लिंगो यात्राः एक पर्व कोयतोर लोगों का’’ पर आधारित है। इसमे भारत के एक प्रमुख जनजातीय समूह ’गोंड’ तथा उनकी उपजातियों के जीवन दर्शन की एक झलक है।

प्रदर्शनी में एक बड़े हिस्से में वर्तमान छत्तीसगढ राज्य के बस्तर तथा आसपास के जिलों में मनाये जाने वाले उत्सव ’’कोयतोर यात्रा/लिंगो यात्रा’’ पर्व को प्रदर्शित किया गया है।

गोंड जनजाति के ये वृहत समूह अपने आप को ’’कोयतोर’’ से संबोधित करते हैं। ये जनजातियाँ  अपनी सामाजिक-सांस्कृतिक एकजुटता हेतु समय-समय पर जात्रा त्योहार का आयोजन करती रहती हैं। लिंगो यात्रा’ इन जनजातीय समूहो के प्राचीन पारंपरिक उत्सव ’’पेन कारिस्ता’’ की प्रथा पर आधारित है।

प्रदर्शनी में आंगा देव के भौतिक स्वरूप को भी प्रदर्शित किया गया है जो कि साज की लकड़ी के तीन समान पाटों से निर्मित है। इसके मध्य भाग को ’’कोको’’ कहा जाता है जिसमें एक सर्प अथवा चिडिया के समान मुखाकृति दिखाई गई है। प्रदर्शनी में मुरिया लोगों में व्याप्त सामाजिक संस्था ’’घोटुल’’ को भी दर्शाया गया है साथ ही इनकी सुंदर अलंकृत कंघियाँ, टोकरियाँ, दीये, उत्कीर्णित तुंबे, आभूषण, काष्ठ कला, वाघयंत्रों, चित्रकला, देवी देवताओं की मुर्तियों इत्यादि को भी प्रदर्शित किया गया है।

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Online Exhibition Series-2 :Veethi Sankul (an indoor museum building)

The important features of Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya (IGRMS) spread in the campus of 200 acres are its open air exhibitions and an indoor museum building Veethi Sankul. There are 12 galleries in Veethi Sankul depicting bio-cultural evolution and variations of humankind. Exhibition displayed here showcase mainly different phases of prehistoric and contemporary life and culture of humankind, marital activities, variety of ornaments, folk and tribal musical instruments, performing arts, masks, religious and spiritual activities as also objects from cultures of North East.

This video presentation is based on the exhibition “Lingo Yatra: A festival of Koitors” mounted at gallery no. 3 of Veethi Sankul. It gives a glimpse of philosophy of Gond, a major tribal group of India and its sub groups.

A major portion of the exhibition covers Koitor Yatra / Lingo Yatra festival celebrated in the Bastar and adjoining districts of Chhattisgarh state. These larger groups of Gond tribe call themselves “Koitor” organize Jatra festival time to time for their socio-cultural integration. Lingo Jatra is based on the “Pen Karista” – an ancient traditional festival of these tribal groups.

Material form of “Anga Deo” is also displayed in the exhibition. It is made of 3 equal size wooden planks. The central portion is called ‘koko’ which resembles face of a snake or a bird. Exhibition also depicts Ghotul – a social institution of Muria tribe as also their beautifully engraved combs, baskets, lamps, engraved gourds, ornaments, wood craft, paintings, images of gods and goddesses etc.


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Narrative video clip on “Lingo Yatra: A festival of Koitors” mounted at gallery no. 3 of Veethi Sankul
View of Veethi Sankul- Indoor Galleries complex
Entrance View of Veethi Sankul- Indoor Galleries complex
A view of Gallery no-3 inside the Veethi Sankul- Indoor Galleries complex
A view of Gallery no-3 inside the Veethi Sankul- Indoor Galleries complex
A Panel view of Gallery no-3 inside the Veethi Sankul- Indoor Galleries complex
A Panel view of Gallery no-3 inside the Veethi Sankul- Indoor Galleries complex
A Panel view of Gallery no-3 inside the Veethi Sankul- Indoor Galleries complex
A Panel view of Gallery no-3 inside the Veethi Sankul- Indoor Galleries complex