ऑनलाइन प्रदर्शनी श्रृंखला – Online Exhibition Series-39

ऑनलाइन प्रदर्शनी श्रृंखला -39
(11 मार्च, 2021)

इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय अपनी स्थापना के समय से ही मानव जाति की गाथा को, समय और स्थान के परिप्रेक्ष्य में दर्शाने में संलग्न है। संग्रहालय भारतीय विरासत के संरक्षण, सवर्धन और पुनरुद्धार पर केंद्रित है। इसकी अंतरंग और मुक्ताकाश प्रदर्शनियाँ देश भर में रहने वाले विभिन्न समुदायों की लुप्त प्रायः स्थानीय संस्कृतियों की प्रासंगिकता को प्रदर्शित करती है। इस महामारी के दौरान सभी को अपने साथ डिजिटल रूप से जोड़ने के उद्देश्य से इं.गाँ.रा.मा.सं. 200 एकड़ में प्रदर्शित अपने प्रादर्शों को ऑनलाइन प्रदर्शित करने हेतु एक नई श्रृंखला प्रस्तुत कर रहा है। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक जीवन शैली के विभिन्न सौंदर्य गुणों और आधुनिक समाज में इसकी निरंतरता को उजागर करना है।

श्रृंखला के मुख्य आकर्षण में जनजातीय आवास, हिमालयी गांव, मरु ग्राम और तटीय गांव की मुक्ताकाश प्रदर्शनियों में दर्शायी गयी पारंपरिक वास्तु विविधता है। पारंपरिक तकनीकी पार्क मुक्ताकाश प्रदर्शनी में सरल तकनीकी के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करने में रचनात्मक कौशल को दर्शाया गया है। शैल कला धरोहर प्रदर्शनी प्रागैतिहासिक काल के दौरान मानव विचारों और संचार की अभिव्यक्ति का एक उल्लेखनीय उदाहरण है। पुनीत वन प्रदर्शनी जैव विविधता के संरक्षण के पारंपरिक तरीकों को प्रदर्शित करती है। मिथक वीथि मुक्ताकाश प्रदर्शनी में विभिन्न समुदायों के दैनिक जीवन से संबंधित कथाओं का चित्रण देखा जा सकता है। कुम्हार पारा प्रदर्शनी, भारत की मिट्टी के बर्तनों और टेराकोटा परंपराओं पर केंद्रित है।

वीथि संकुल- अंतरंग संग्रहालय भवन की 12 दीर्घाओं में मानव संस्कृतियों के विविध पहलुओं को दर्शाया गया है। इसके मुख्य आकर्षण में भारत सहित दुनिया भर से संकलित प्रादर्शों को मॉडल, ग्राफिक्स, डायरोमास, शोकेसेस के माध्यम से विषयवार प्रस्तुत किया गया है।

जनजातीय आवास मुक्ताकाश प्रदर्शनी से
लिम्बू समुदाय का पारंपरिक आवास

लिम्बू जनजाति किरात मूल की एक जनजाति है जो दक्षिण तिब्बत, पूर्वी नेपाल, बर्मा, भूटान और भारतीय राज्यों जैसे पश्चिम बंगााल (विशेषकर: दार्जिलिंग, कलिमपोंग,और जलपाई गुडी जिले) सिक्किम, असम और नागालैण्ड की मूल निवासी है। लिम्बू का मूल नाम थकुंग या थकथुग्ंबा है। अर्थात लिम्बू पुरुषों और लिम्बु महिलाओं ‘‘यकयुमा‘‘ या ‘‘याकथुग्ंमा‘‘ नाम से पुकारा जाता हैै, इनके मुख्य पोशाक में पुरुष लोग ढ़ाका, टोपी व स्कार्फ पहनते हैं, तथा ढ़ाका साड़ी मेेेेेखली ब्लाउज और शॉल जिन्हें लिम्बु महिलायें धारण करती है। ढ़ाका जोकी ज्यामितीय स्वरुप मे हाथ से बुना हुआ एक पारम्परिक पोशाक है । इस कला को एक पीढ़ी से दूसरे पीढ़ी को हस्तान्तरित की जाती है। लिम्बु पारम्परिक रुप से गेहूं, बाजरा, मक्का आदि की खेती करते हैं । इनके आवास, लकड़ी, पत्थर और बांस आदि से बने दो मंजिला बना होेता हैं । पहली मंजिल पर जाने के लिये लकड़ी की सीढ़ी का प्रावधान होता है, आवास का उपरी भाग जो कि तीन तरफ से बनी लकड़ी की बनीं बालकनी से घिरा होता है, तथा दो तरफ लकड़ी की खिड़किया होती है। आवास का भूतल जोकि काफी बड़ा होता है इसमे खाद्यान्न भण्डार कपड़े व मुल्यवान इत्यादि जेसे वस्तुऐं रखी होतीे है। तथा घर को मिट्टी के रंगों से सजाया जाता है । इस आवास का संकलन 2011 में संग्रहालय द्वारा किया गया था जोकि संग्रहालय के हिमालय ग्राम में प्रदर्शित किया गया है।

Online Exhibition Series-39
(11th March, 2021)

Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya engaged to portray the story of humankind in time and space since its inception. The Museum focuses on salvaging and revitalization of Indian heritage. Its indoor as well as open-air exhibitions showcase the relevance of the vanishing local culture of the different communities living across the country. With the aim of connecting everyone digitally during this pandemic, the IGRMS is presenting a new series of online exhibitions of its exhibit displayed across 200 acres. The main aim of the exhibition is to highlight the varied aesthetic qualities of the traditional lifestyle and its continuity in modern society.

The main attraction of the series includes the depiction of vernacular architectural diversity portrayed in the open air exhibitions of Tribal Habitat, Himalayan Village, Desert Village and Coastal Village. The Traditional Technology Park open air exhibition depicts the creative skills in using natural resources through simple technology. Rock Art Heritage open air exhibition is a remarkable example of expression of human thoughts and communication during the prehistoric times. The Sacred Grove open air exhibition showcases the traditional practices and way of conserving the bio-diversity. The depiction of narratives or stories related to every day life of various communities can be seen in Mythological Trail open air exhibition. The Kumhar Para open air exhibition focuses on the pottery and the terracotta traditions of India.

The indoor museum building Veethi Sankul houses 12 galleries depicting the diverse facets of human cultures. Its main attraction includes the thematically arranged galleries with models, graphics, diaromas, showcases, panels of the valuable ethnographic collections of the museum from different parts of India and abroad.

From Open Air Exhibition Tribal Habitat
Traditional House of Limboo community

Limboo tribe of kirat origin who are original inhabitants of Southern Tibet, Eastern Nepal, Burma, Bhutan and Indian states Like West Bengal (Particularly in Darjeeling, Kalimpong and Jalpaigudi) Sikkim, Assam and Nagaland. Thakung or Thakthumba is the original name of Limboos. Limboo man and women are addressed with name ‘’Yakyeuma’’ or ‘’Yakthumba’’. Their tradition attire for man include Dhaka, cap and scarf, howeverfor women Dhaka saree, mekhali blouse and shawl. Dkaka is a geometrically handwoven traditional attire. Agriculture is the occupation of limboo and they produce crops like wheat, millet and maize. A limboo habitat is wood, stone,and bamboo etc made double storied and structure.A wooden ladder is available there for accessing to upper stain, the upper portion is covered with wooden baicony from three sides and two sides have windows. Ground floor of the house is quite bigger which is used for keeping food grains, clothes and other valuable articles. The house is usede is decorated with mineral colours. This house was collected by the museum in 2011 and exhibition in Himalaya village open air exhibition.

Introductory video on Open Air Exhibition Tribal Habitat- Traditional House of Limboo community