12 से 18 अप्रैल तक/12th to 18th April- 2021

‘सप्ताह का प्रादर्श-47’
(12 से 18 अप्रैल, 2021 तक)

कोविड-19 महामारी के प्रसार के कारण दुनिया भर के संग्रहालय बंद है लेकिन यह सभी अपने दर्शकों के साथ निरंतर रूप से जुड़े रहने के लिए विभिन्न अभिनव तरीके अपना रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय ने भी इस महामारी द्वारा प्रस्तुत की गई चुनौतियो का सामना करने के लिए कई अभिनव प्रयास प्रारंभ किए है। अपने एक ऐसे ही प्रयास के अंतर्गत मानव संग्रहालय ‘सप्ताह का प्रादर्श’ नामक एक नवीन श्रृंखला प्रस्तुत कर रहा है। पूरे भारत से किए गए अपने संकलन को दर्शाने के लिए संग्रहालय इस श्रंखला के प्रारंभ में अपने संकलन की अति उत्कृष्ट कृतियां प्रस्तुत कर रहा है जिन्हें एक विशिष्ट समुदाय या क्षेत्र के सांस्कृतिक इतिहास में योगदान के संदर्भ में अद्वितीय माना जाता है। यह अति उत्कृष्ट कृतियां संग्रहालय के ‘AA’और ‘A’ वर्गों से संबंधित हैं। इन वर्गों में कुल 64 प्रादर्श हैं।

चीना वरनी- चीनी मिट्टी से बना एक बड़े आकार का पात्र

चीना वर्णी का शाब्दिक अर्थ चीनी पात्र है। यह चीनी मिट्टी से बना गहरे भूरे रंग का बड़े आकार का पात्र है और इसकी बाहरी सतह के चारों ओर नारियल की रस्सी से बुनी जाली का आवरण है। इस तरह के बड़े सिरेमिक पात्रों का उपयोग मुख्य रूप से केरल के नायर समुदाय में खाद्य वस्तुओं विशेष रूप से अचार को लंबे समय तक संरक्षित रखने के लिए किया जाता है। विविध प्रकार के अचार हमेशा से केरल के व्यंजनों का मुख्य हिस्सा रहे हैं। प्राचीन समय में इस प्रकार के पात्र विनिमय की महत्वपूर्ण वस्तु थे, जहाँ व्यापारियों को इसके बदले में मसाले दिए जाते थे। नारियल के रेशों से बनी रस्सी की बुनावट बर्तन को अतिरिक्त मजबूती प्रदान करता है और उसकी क्षति की आशंका को कम करती है। यह पात्र को सुविधाजनक रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में भी सहायक होती है। इसे लकड़ी के एक गोल ढक्कन से ढंका  जाता है।

आरोहण क्रमांक – 91.1170
स्थानीय नाम – चीना वरनी- चीनी मिट्टी से बना एक बड़े आकार का पात्र
समुदाय – लोक
स्थानीयता –एर्नाकुलम, केरल

माप – ऊँचाई – 68 सेमी।,  परिधि – 217 सेमी।
श्रेणी – ‘ए’

OBJECT OF THE WEEK-47
(12th to 18th April, 2021
)

Due to spread of COVID-19 pandemic the museums throughout the world are closed but identifying different innovative ways to remain connected to their visitors. Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya (National Museum of Mankind) has also taken up many new initiatives to face the challenges posed by this pandemic. In one such step it is coming up with a new series entitled ‘Object of the Week’ to showcase its collection from all over India. Initially this series will focus on the masterpieces from its collection which are considered as unique for their contribution to the cultural history of a particular ethnic group or area. These masterpieces belong to the “AA” & “A” category. There are 64 objects in these categories.

CHINA VARNI- A big size pot made of China clay

China Varni literally means a Chinese pot. It is big size glazed earthenware made of china clay wrapped and woven with coconut rope around its outer surface. It is dark brown in colour. These kind of huge ceramic vessels are mainly used to preserve food items particularly pickle for a longer period among the Nair community of Kerala. Variety of pickles has always been a part of Kerala cuisines. In the olden days these kinds of pots were important items of exchange where traders were given spices in exchange. The knitted/woven coconut fibre rope provides extra support to the pot and reduces the risk of damage. It also helps in transporting the pot conveniently from one place to another. The pot is covered with a round wooden lid.

Acc. No. – 91.1170
Local Name  –  CHINA VARNI, A big size pot made of China clay
Tribe/Community – Chettiyar
Locality   –  Shivganga, Tamil Nadu
Measurement – Height – 101 cms., Circumference- 251 cms
Category –   ‘A’

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