03 से 09 मई तक/3rd to 09th May- 2021

‘सप्ताह का प्रादर्श-50’
(03 से 09 मई, 2021 तक)

कोविड-19 महामारी के प्रसार के कारण दुनिया भर के संग्रहालय बंद है लेकिन यह सभी अपने दर्शकों के साथ निरंतर रूप से जुड़े रहने के लिए विभिन्न अभिनव तरीके अपना रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय ने भी इस महामारी द्वारा प्रस्तुत की गई चुनौतियो का सामना करने के लिए कई अभिनव प्रयास प्रारंभ किए है। अपने एक ऐसे ही प्रयास के अंतर्गत मानव संग्रहालय ‘सप्ताह का प्रादर्श’ नामक एक नवीन श्रृंखला प्रस्तुत कर रहा है। पूरे भारत से किए गए अपने संकलन को दर्शाने के लिए संग्रहालय इस श्रंखला के प्रारंभ में अपने संकलन की अति उत्कृष्ट कृतियां प्रस्तुत कर रहा है जिन्हें एक विशिष्ट समुदाय या क्षेत्र के सांस्कृतिक इतिहास में योगदान के संदर्भ में अद्वितीय माना जाता है। यह अति उत्कृष्ट कृतियां संग्रहालय के ‘AA’और ‘A’ वर्गों से संबंधित हैं। इन वर्गों में कुल 64 प्रादर्श हैं।

बक्सा, लकड़ी से बनी एक पेटी

बक्सा स्थानीय मज़बूत लकड़ी से बनी एक आयताकार पेटी है और इसकी बाहरी सतह हिरण की खाल से ढांकी गई है। इसे भारत के एक उत्तरी राज्य हिमाचल प्रदेश से संकलित किया गया था।  इसके कोनों पर सुंदर रूपांकन युक्त धातु की पट्टी की सज्जा इसे और भी आकर्षक बनाती है। इसका उपयोग कपड़े और अन्य कीमती सामानों को रखने के लिए किया जाता था। लोक समुदायों में घरेलू वस्तुओं की सज्जा विशुद्ध रूप से व्यक्तिगत अभिरुचि के अनुरूप होती है। पिछले दशकों में जंगली जानवरों सहित अन्य जानवरों की खालों का इस्तेमाल कपड़ों, जूतों, फर्नीचर, घर की सजावट आदि जैसी कई ज़रूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता था। वर्तमान में जंगली जानवरों के अवैध शिकार पर प्रतिबंध होने के कारण उनकी खालों का उपयोग काफी हद तक सीमित हो गया है। ऐसी वस्तुएं अब दुर्लभ और अद्वितीय हैं तथा अधिकांशतः संग्रहालय के संकलन में देखी जा सकती हैं।

आरोहण क्रमांक – 79.37
स्थानीय नाम – बक्सा, लकड़ी से बनी एक पेटी
समुदाय – लोक
स्थानीयता –हिमाचल प्रदेश
श्रेणी – ‘ए’

OBJECT OF THE WEEK-50
(03rd to 09th May, 2021)

Due to spread of COVID-19 pandemic the museums throughout the world are closed but identifying different innovative ways to remain connected to their visitors. Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya (National Museum of Mankind) has also taken up many new initiatives to face the challenges posed by this pandemic. In one such step it is coming up with a new series entitled ‘Object of the Week’ to showcase its collection from all over India. Initially this series will focus on the masterpieces from its collection which are considered as unique for their contribution to the cultural history of a particular ethnic group or area. These masterpieces belong to the “AA” & “A” category. There are 64 objects in these categories.

BAKSA, An wooden box

Baksa is a rectangular wooden box made of local seasoned wood and its outer surface is covered with Deer skin. This object was collected from Himachal Pradesh – a northern state of India. The beautifully designed metal plate fittings at the corner makes the Baksa more appealing. It was used to store clothes and other precious belongings. The decoration of household objects among the folk communities is purely personal taste. In past decades skins of animals, including the wild animals, were used to fulfill multiple necessities like clothing, shoes, furniture, household decorations etc. Now a days, the use of wild animals skins are limited to a great extent due to ban on the poaching of wild animals. Therefore, such objects are now rare and unique and can mostly be seen as a part of museum collection.

Acc. No. – 79.37
Local Name  –  BAKSA, An wooden box
Tribe/Community – Folk
Locality   –  Himachal Pradesh
Category –   ‘A’

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