05 से 11 जुलाई, 2021 तक / 05th to 11th July, 2021

‘सप्ताह का प्रादर्श-59’
(05 से 11 जुलाई, 2021 तक)

कोविड-19 महामारी के प्रसार के कारण दुनिया भर के संग्रहालय बंद है लेकिन यह सभी अपने दर्शकों के साथ निरंतर रूप से जुड़े रहने के लिए विभिन्न अभिनव तरीके अपना रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय ने भी इस महामारी द्वारा प्रस्तुत की गई चुनौतियो का सामना करने के लिए कई अभिनव प्रयास प्रारंभ किए है। अपने एक ऐसे ही प्रयास के अंतर्गत मानव संग्रहालय ‘सप्ताह का प्रादर्श’ नामक एक नवीन श्रृंखला प्रस्तुत कर रहा है। पूरे भारत से किए गए अपने संकलन को दर्शाने के लिए संग्रहालय इस श्रंखला के प्रारंभ में अपने संकलन की अति उत्कृष्ट कृतियां प्रस्तुत कर रहा है जिन्हें एक विशिष्ट समुदाय या क्षेत्र के सांस्कृतिक इतिहास में योगदान के संदर्भ में अद्वितीय माना जाता है। यह अति उत्कृष्ट कृतियां संग्रहालय के ‘AA’और ‘A’ वर्गों से संबंधित हैं। इन वर्गों में कुल 64 प्रादर्श हैं।

माड़िया खंब
लकड़ी का स्मृति स्तंभ

माड़िया खंब, बस्तर, छत्तीसगढ़ की मुरिया जनजाति का एक लकड़ी का स्मृति स्तंभ है। खूबसूरती से उकेरा गया यह स्तंभ लकड़ी के एकल टुकड़े से बना है। इसके चारों तरफ नक्काशी है। स्तंभ के शीर्ष विस्तार को एक गोलाकार शिखांत के साथ एक कलश के रूप में बनाया गया है। प्रत्येक पक्ष में जानवरों, पक्षियों, मनुष्यों और परिवहन के साधनों के छोटे-छोटे रूप अलग-अलग आलों में उकेरे गए हैं। स्तंभ की चारों दीवारों पर उत्कीर्णन मुरिया उत्कीर्णकों की विशेषज्ञता को दर्शाता है। लकड़ी के ऐंसे स्मृति स्तंभों का निर्माण अब मुरिया समाज से विलुप्त हो चुका है।

आरोहण क्रमांक – 78.43
स्थानीय नाम – माड़िया खंब
लकड़ी का स्मृति स्तंभ
समुदाय – मुरिया जनजाति
स्थानीयता –बस्तर, छत्तीसगढ़

माप – ऊँचाई – 107 सेमी, चौड़ाई – 12 सेमी
श्रेणी –
ए’

OBJECT OF THE WEEK-59
(05th to 11th July,2021)

Due to spread of COVID-19 pandemic the museums throughout the world are closed but identifying different innovative ways to remain connected to their visitors. Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya (National Museum of Mankind) has also taken up many new initiatives to face the challenges posed by this pandemic. In one such step it is coming up with a new series entitled ‘Object of the Week’ to showcase its collection from all over India. Initially this series will focus on the masterpieces from its collection which are considered as unique for their contribution to the cultural history of a particular ethnic group or area. These masterpieces belong to the “AA” & “A” category. There are 64 objects in these categories.

MADIA KHAMB
Wooden memorial pillar

Madia khamb is a wooden memorial pillar of the Muria tribe of Bastar, Chhattisgarh.This beautifully carved pillar is made out of single wooden log. It has carving on four sides. The top extension of the pillar is fashioned in the form of a pot topped by a circular finial. In each side small motifs of animals, birds, human beings and means of transportation are carved in separate niches. The engraving on four walls of the pillar shows the expertise of the Muria carvers. The erection of such wooden memory pillars is already extinct from the Muria society.

Acc. No. – 78.43
Local Name  – 
 MADIA KHAMB-Wooden memorial pillar
Tribe/Community – Muria tribe

Locality   –  Bastar, Chhattisgarh
Measurement – Height – 107 cm., Width – 12 cm.
Category –   ‘A’

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