19 से 25 जुलाई, 2021 तक / 19th to 25th July, 2021

‘सप्ताह का प्रादर्श-61’
(19 से 25 जुलाई, 2021 तक)

कोविड-19 महामारी के प्रसार के कारण दुनिया भर के संग्रहालय बंद है लेकिन यह सभी अपने दर्शकों के साथ निरंतर रूप से जुड़े रहने के लिए विभिन्न अभिनव तरीके अपना रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय ने भी इस महामारी द्वारा प्रस्तुत की गई चुनौतियो का सामना करने के लिए कई अभिनव प्रयास प्रारंभ किए है। अपने एक ऐसे ही प्रयास के अंतर्गत मानव संग्रहालय ‘सप्ताह का प्रादर्श’ नामक एक नवीन श्रृंखला प्रस्तुत कर रहा है। पूरे भारत से किए गए अपने संकलन को दर्शाने के लिए संग्रहालय इस श्रंखला के प्रारंभ में अपने संकलन की अति उत्कृष्ट कृतियां प्रस्तुत कर रहा है जिन्हें एक विशिष्ट समुदाय या क्षेत्र के सांस्कृतिक इतिहास में योगदान के संदर्भ में अद्वितीय माना जाता है। यह अति उत्कृष्ट कृतियां संग्रहालय के ‘AA’और ‘A’ वर्गों से संबंधित हैं। इन वर्गों में कुल 64 प्रादर्श हैं।

अन्नापक्षी विलक्कु
पीतल का बड़ा दीपक

अन्नापक्षी विलक्कू पीतल का दीपक है। अन्नापक्षी, का शाब्दिक अर्थ है हंस की तरह दिखने वाला एक पौराणिक पक्षी जो स्वर्ग में निवास करता है, और अपनी पवित्रता, देवत्व और समृद्धि के लिए जाना जाता है। विल्लाकू का अर्थ है दीपक। इस विशाल दीपक में एक गोलाकार आधार, मध्य में लंबा दीप स्तंभ और ऊपर फैले हुए कटोरे की तरह तेल और बाती रखने का एक पात्र है। दीपक के शीर्ष भाग पर एक अन्नापक्षी  है। इस अद्भुत दीपक को बनाने में पारंपरिक धातु शिल्पियों द्वारा लॉस्ट वैक्स तकनीक का प्रयोग किया गया है। दीपक को इस तरह से ढाला गया है कि इसे आसानी से अलग किया और फिर से जोड़ा जा सके। अन्नापक्षी विलक्कु को विशेष अवसरों पर प्रज्वलित करने से सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस दीपक को घर के प्रवेश द्वार पर रखने से समृद्धि, शांति और खुशी मिलती है और यह आसपास की सुंदरता को भी बढ़ाता है।

आरोहण क्रमांक – 99.02
स्थानीय नाम – अन्नापक्षी विलक्कु, पीतल का बड़ा दीपक
समुदाय – ग्रामीण समुदाय
स्थानीयता –कोल्लम, केरल

माप – ऊंचाई – 217 सेमी, चौड़ाई – 52 सेमी
श्रेणी –
ए’

OBJECT OF THE WEEK-61
(19th to 2518th July, 2021)

Due to spread of COVID-19 pandemic the museums throughout the world are closed but identifying different innovative ways to remain connected to their visitors. Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya (National Museum of Mankind) has also taken up many new initiatives to face the challenges posed by this pandemic. In one such step it is coming up with a new series entitled ‘Object of the Week’ to showcase its collection from all over India. Initially this series will focus on the masterpieces from its collection which are considered as unique for their contribution to the cultural history of a particular ethnic group or area. These masterpieces belong to the “AA” & “A” category. There are 64 objects in these categories.

ANNAPAKSHI VILLAKU
Big Brass Lamp

Annapakshi villaku is a brass lamp. Annapakshi, literally means a bird resembling a swan which is said to be mythical, lives in the heaven, known for its purity, divinity and prosperity. Villaku means lamp. This giant lamp is having a circular base, long stem and flaring bowl like oil container with wicks. The lamp is topped by an Annapakshi bird. Making of this marvellous lamp involves lost wax solid casting done by traditional metal workers. The lamp is casted in such a manner that it can be easily dismantled and reassembled. Lighting of Annapakashi villaku at special occasions brings in harmony and positive energy. Placing this lamp at house entrance brings prosperity, peace, and happiness and it also glorifies the surrounding looks.

Acc. No. – 99.02
Local Name  – 
 ANNAPAKSHI VILLAKU, Big Brass Lamp
Tribe/Community – Rural People

Locality   –  Kollam, Kerala
Measurement – Height –  217 cm., Width – 52  cm.
Category –   ‘A’

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