26 जुलाई से 01 अगस्त, 2021/ 26th July to 01st August, 2021

‘सप्ताह का प्रादर्श-62’
(26 जुलाई से 01 अगस्त, 2021
तक)

कोविड-19 महामारी के प्रसार के कारण दुनिया भर के संग्रहालय बंद है लेकिन यह सभी अपने दर्शकों के साथ निरंतर रूप से जुड़े रहने के लिए विभिन्न अभिनव तरीके अपना रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय ने भी इस महामारी द्वारा प्रस्तुत की गई चुनौतियो का सामना करने के लिए कई अभिनव प्रयास प्रारंभ किए है। अपने एक ऐसे ही प्रयास के अंतर्गत मानव संग्रहालय ‘सप्ताह का प्रादर्श’ नामक एक नवीन श्रृंखला प्रस्तुत कर रहा है। पूरे भारत से किए गए अपने संकलन को दर्शाने के लिए संग्रहालय इस श्रंखला के प्रारंभ में अपने संकलन की अति उत्कृष्ट कृतियां प्रस्तुत कर रहा है जिन्हें एक विशिष्ट समुदाय या क्षेत्र के सांस्कृतिक इतिहास में योगदान के संदर्भ में अद्वितीय माना जाता है। यह अति उत्कृष्ट कृतियां संग्रहालय के ‘AA’और ‘A’ वर्गों से संबंधित हैं। इन वर्गों में कुल 64 प्रादर्श हैं।

डोड-माला
चांदी के मनकों से बना एक हार

डोड-माला चांदी के मनकों से बना एक हार है जो रीठे से मिलता-जुलता है जिसे स्थानीय तौर पर डोड के नाम से जाना जाता है। सम्भवतः प्राचीन काल में जब मनुष्य ताजे फूलों, फलों आदि से स्वयं को अलंकृत करते थे, तब उन्होंने रीठे की माला भी तैयार की होगी। रीठे को एक साथ रगड़ने पर घर्षण ध्वनि उत्पन्न होती है। यह माला अवश्य ही लोकप्रिय आभूषण रही है। डोड-माला को चांदी के गोल खोखले मनकों, जो लगभग रीठे के आकार के हैं, से बनाया गया है। एक मनके के दोनों आधे भाग चांदी की पत्तर को सांचे पर पीटकर तैयार किए जाते हैं, फिर दोनों को किनारों से जोड़ा जाता है, जिससे सिरों पर एक छेद बन जाता है। फिर मनकों को एक सूती धागे से पिरोया जाता है। सामान्यतः डोड-माला दो से तीन-तार वाला हार होता है, लेकिन ज्यादातर दो-तार वाली डोड-माला ही होती है। हार के प्रत्येक छोर पर एक पान के आकार की या त्रिकोणीय पट्टिका दी गयी है जो डोड-माला के तारों को एक साथ रखती है। इनमें से प्रत्येक पट्टिका में एक छोटा मुड़ा हुआ धागा होता है जिससे हार को गर्दन के पीछे बांधा जाता है। सामान्यतः हार के प्रत्येक तार में पच्चीस से तीस मनके होते हैं। इस प्रकार का हार पूरे क्षेत्र में बहुत लोकप्रिय है, यहां तक ​​कि पुरुष भी कभी-कभी डोड-माला पहनते हैं।

आरोहण क्रमांक – 95.227
स्थानीय नाम – डोड-माला, चांदी के मनकों से बना एक हार
समुदाय – गद्दी
स्थानीयता –चंबा, हिमाचल प्रदेश

माप – लंबाई 43 सेमी, मोतियों की संख्या – 47
श्रेणी –
ए’

OBJECT OF THE WEEK-62
(26th July to 01st August, 2021)

Due to spread of COVID-19 pandemic the museums throughout the world are closed but identifying different innovative ways to remain connected to their visitors. Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya (National Museum of Mankind) has also taken up many new initiatives to face the challenges posed by this pandemic. In one such step it is coming up with a new series entitled ‘Object of the Week’ to showcase its collection from all over India. Initially this series will focus on the masterpieces from its collection which are considered as unique for their contribution to the cultural history of a particular ethnic group or area. These masterpieces belong to the “AA” & “A” category. There are 64 objects in these categories.

Dod-mala
A necklace made from silver beads

Dod-mala is a necklace made from silver beads resembling soap nut (ritha) locally known as dod. It is possible that in ancient times, when the human beings used to decorate themselves with fresh flowers, fruits etc., they might have also prepared a garland of soap nuts. The soap nuts produce a rumbling sound when rubbed together. The garland must have been a popular one. Dod-mala is prepared by means of hollowed round silver balls approximating the size of a soap nut. Two half portions of a bead are prepared by stamping a silver sheet on a mould, then both the units are soldered at the edges, leaving a hole at the ends. The beads are then threaded with a cotton thread. Usually a dod-mala is a two to three-stringed necklace, but the two-stringed dod-mālā is common. At each end of the necklace a betel-shaped or a triangular plaque is provided which holds the strings of dod-mala together. Each of these plaques has a small, twisted thread by which the necklace is tied at the back of the neck. Normally each string of necklace carries twenty-five to thirty beads.  This type of necklace is very popular throughout the area, even the men wear a dod-mala occasionally.

Acc. No. –95.227
Local Name  – 
 Dod-mala, A necklace made from silver beads
Tribe/Community – Gaddi

Locality   –  Chamba, Himachal Pradesh
Measurement – Length 43 cm, No. of beads – 47
Category –   ‘A’

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