ऑनलाइन प्रदर्शनी श्रृंखला – Online Exhibition Series-61

ऑनलाइन प्रदर्शनी श्रृंखला -61
(12 अगस्त
, 2021)

इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय अपनी स्थापना के समय से ही मानव जाति की गाथा को, समय और स्थान के परिप्रेक्ष्य में दर्शाने में संलग्न है। संग्रहालय भारतीय विरासत के संरक्षण, सवर्धन और पुनरुद्धार पर केंद्रित है। इसकी अंतरंग और मुक्ताकाश प्रदर्शनियाँ देश भर में रहने वाले विभिन्न समुदायों की लुप्त प्रायः स्थानीय संस्कृतियों की प्रासंगिकता को प्रदर्शित करती है। इस महामारी के दौरान सभी को अपने साथ डिजिटल रूप से जोड़ने के उद्देश्य से इं.गाँ.रा.मा.सं. 200 एकड़ में प्रदर्शित अपने प्रादर्शों को ऑनलाइन प्रदर्शित करने हेतु एक नई श्रृंखला प्रस्तुत कर रहा है। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक जीवन शैली के विभिन्न सौंदर्य गुणों और आधुनिक समाज में इसकी निरंतरता को उजागर करना है।

श्रृंखला के मुख्य आकर्षण में जनजातीय आवास, हिमालयी गांव, मरु ग्राम और तटीय गांव की मुक्ताकाश प्रदर्शनियों में दर्शायी गयी पारंपरिक वास्तु विविधता है। पारंपरिक तकनीकी पार्क मुक्ताकाश प्रदर्शनी में सरल तकनीकी के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करने में रचनात्मक कौशल को दर्शाया गया है। शैल कला धरोहर प्रदर्शनी प्रागैतिहासिक काल के दौरान मानव विचारों और संचार की अभिव्यक्ति का एक उल्लेखनीय उदाहरण है। पुनीत वन प्रदर्शनी जैव विविधता के संरक्षण के पारंपरिक तरीकों को प्रदर्शित करती है। मिथक वीथि मुक्ताकाश प्रदर्शनी में विभिन्न समुदायों के दैनिक जीवन से संबंधित कथाओं का चित्रण देखा जा सकता है। कुम्हार पारा प्रदर्शनी, भारत की मिट्टी के बर्तनों और टेराकोटा परंपराओं पर केंद्रित है।

वीथि संकुल- अंतरंग संग्रहालय भवन की 12 दीर्घाओं में मानव संस्कृतियों के विविध पहलुओं को दर्शाया गया है। इसके मुख्य आकर्षण में भारत सहित दुनिया भर से संकलित प्रादर्शों को मॉडल, ग्राफिक्स, डायरोमास, शोकेसेस के माध्यम से विषयवार प्रस्तुत किया गया है।

कुम्हार पारा मुक्ताकाश प्रदर्शनी से
मन्नत रुपी टेराकोटा अश्व :
अय्यनार देव

तमिलनाडु में लोक समूहों  द्वारा पूजे जाने वाले  एक ग्राम  देवता हैं । उन्हें मुख्य रूप से एक अभिभावक  या संरक्षक  देवता के रूप में पूजा जाता है जो गांवों को अवांछित बाहरी बीमारियों और खतरों से बचाता है। अय्यनार के मंदिर आमतौर पर विशाल और रंगीन मूर्तियों से घिरे होते हैं, जो हांथी और घोड़ों   की सवारी करते भगवान और उनके साथियों की  हैं।

एक अय्यनार मंदिर में मानता स्वरुप आकृतियों और मिट्टी की मूर्तियों का प्रदर्शन गांवों में मौजूद सामाजिक संस्तरण को दर्शाता है। देवताओं को गाँव में सामाजिक और आर्थिक पदानुक्रम के अनुसार क्रमबद्ध किया जाता है। उच्चतम पद वाले देवता शाकाहारी होते हैं, जबकि निम्न पद वाले देवता मांसाहारी माने जाते हैं। एक अय्यनार मंदिर अक्सर एक इमारत नहीं होता है, लेकिन समुदायों के विभिन्न समूहों से संबंधित पैतृक और स्थानीय देवताओं के रूप में प्रतिष्ठित एक या एक से अधिक आकृतियों का संयोजन होता है।

संग्रहालय ने इस जीवंत विरासत  का सम्मान करने का प्रयास किया, और तमिलनाडु के पुड्डुकोट्टई जिले से अपने परिसर में एक अय्यनार देवालय की स्थापना के साथ ही भेंट की जाने वाली टेराकोटा प्रतिमाओं  के निर्माण की इस प्राचीन परंपरा को संरक्षित किया। गाँव के सात कलाकारों को संग्रहालय द्वारा अनुष्ठान कला का प्रदर्शन करने और अपने कुशल हाथों से मौजूदा अय्यनार परिसर के विस्तार  लिए आमंत्रित किया गया था।

Online Exhibition Series-61
(12th August, 2021)

Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya engaged to portray the story of humankind in time and space since its inception. The Museum focuses on salvaging and revitalization of Indian heritage. Its indoor as well as open-air exhibitions showcase the relevance of the vanishing local culture of the different communities living across the country. With the aim of connecting everyone digitally during this pandemic, the IGRMS is presenting a new series of online exhibitions of its exhibit displayed across 200 acres. The main aim of the exhibition is to highlight the varied aesthetic qualities of the traditional lifestyle and its continuity in modern society.

The main attraction of the series includes the depiction of vernacular architectural diversity portrayed in the open air exhibitions of Tribal Habitat, Himalayan Village, Desert Village and Coastal Village. The Traditional Technology Park open air exhibition depicts the creative skills in using natural resources through simple technology. Rock Art Heritage open air exhibition is a remarkable example of expression of human thoughts and communication during the prehistoric times. The Sacred Grove open air exhibition showcases the traditional practices and way of conserving the bio-diversity. The depiction of narratives or stories related to every day life of various communities can be seen in Mythological Trail open air exhibition. The Kumhar Para open air exhibition focuses on the pottery and the terracotta traditions of India.

The indoor museum building Veethi Sankul houses 12 galleries depicting the diverse facets of human cultures. Its main attraction includes the thematically arranged galleries with models, graphics, diaromas, showcases, panels of the valuable ethnographic collections of the museum from different parts of India and abroad.

From Kumhar Para open air exhibition
Votive Terracotta Horse-
AIYYANAR DEITY

Ayyanar is a village God worshipped by the folk people in Tamil Nadu. He is primarily worshiped as a guardian deity who protects the villages from unwanted external elements and threats. The temples of Aiyanar are usually flanked by gigantic and colorful statues the God and his companions riding Horses and Elephants.

The display of votive figures and clay idols in an Aiyanar temple reflects the social hierarchy that exists in the villages. The Gods are ranked according to the social and economical hierarchy in the village. The Gods with highest position are vegetarian, while those considered with lower rank are believed to be non-vegetarian. An Ayyanar temple is often not a building, but assemblages of one or more figures revered as the ancestral and local deities belonging to various groups of communities.

Museum attempted to honour the living legends that preserved this ancient tradition of producing terracotta offerings from Puddukottai District of Tamil Nadu with an installation of an AIYYANAR complex in its premises. Seven artists from the village were invited by the museum to demonstrate the ritual art and to enhance and extend the span of the existing Aiyyanar complex with their proficient hands. A glimpse of museum’s effort towards conservation of culture and devotion of artists is here for you through a short video and photographs.

Introductory video on Kumhar Para open air exhibition Votive Terracotta Horse- AIYYANAR DEITY