6-12 जुलाई / July, 2020

‘सप्ताह का प्रादर्श’ – ‘OBJECT OF THE WEEK
6-12 जुलाई, 2020 तक)

कोविड-19 महामारी के प्रसार के कारण दुनिया भर के संग्रहालय बंद है लेकिन यह सभी अपने दर्शकों के साथ निरंतर रूप से जुड़े रहने के लिए विभिन्न अभिनव तरीके अपना रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय ने भी इस महामारी द्वारा प्रस्तुत की गई चुनौतियो का सामना करने के लिए कई अभिनव प्रयास प्रारंभ किए है। अपने एक ऐसे ही प्रयास के अंतर्गत मानव संग्रहालय ‘सप्ताह का प्रादर्श’ नामक एक नवीन श्रृंखला प्रस्तुत कर रहा है। पूरे भारत से किए गए अपने संकलन को दर्शाने के लिए संग्रहालय इस श्रंखला के प्रारंभ में अपने संकलन की अति उत्कृष्ट कृतियां प्रस्तुत कर रहा है जिन्हें एक विशिष्ट समुदाय या क्षेत्र के सांस्कृतिक इतिहास में योगदान के संदर्भ में अद्वितीय माना जाता है। यह अति उत्कृष्ट कृतियां संग्रहालय के ‘AA’और ‘A’ वर्गों से संबंधित हैं। इन वर्गों में कुल 64 प्रादर्श हैं।

कोनयक नागाओं में रानीमाला एक महिला के गौरव, गरिमा और सामाजिक प्रस्थिति का प्रतीक आभूषण है। इसका शाब्दिक अर्थ है रानी का हार। परंपरागत रूप से इस तरह का भारी आभूषण कोनयक नागा जनजाति की संस्तरण युक्त सामाजिक प्रणाली को चिह्नित करता है। मुखिया (आंग) की पत्नी पीतल के लटकते बुंदे, घंटियों और समुद्री सीप से समृद्ध आभूषणों को बड़ी प्रवीणता से पहनती थी। हार में सेरामिक और कांच के पुराने मनके शामिल हैं, जिन्हें वांग्शा के नाम से जाना जाता है। नीले, काले और सफेद मनकों की विभिन्न आकृतियाँ पाँच धागों में पिरोई गई हैं, जिनमें तीन पेंडेंटस हैं। इसमें लाल, नीले और काले रंग के छोटे मनकों की एक चौड़ी पट्टी भी है, जिसमें जिंगल और घंटियाँ लटक रही हैं। इस तरह के पेंडेंटस उन कोनयक योद्धाओं में बहुत प्रचलित हैं जो इन्हें वक्ष आभूषण के रूप में धारण करते हैं जो उनके द्वारा किए गए शिरोच्छेद के कारण प्राप्त प्रस्थिति को दर्शाता है। पेंडेंट की सतह पर बिंदीदार आकृतियां उनके गोदना के निशान को दर्शाती है, जबकि घुमावदार आकृति जंगली सूअर के दांत का प्रतिनिधित्व करती है। वे अपने सामाजिक समारोहों, त्योहारों और विवाह समारोहों के दौरान इसे पहनते हैं। मूल्यवान आभूषणों से भरा हुआ यह आकर्षक हार एक मुखिया की पत्नी की प्रस्थिति को और गौरवान्वित करता है और नागा समाज में बनाए गए सामाजिक पदानुक्रम और सम्मान को दर्शाता है।

नागा प्रमुख की पत्नी का हार
आरोहण संख्या – 98.860
स्थानीय नाम – रानीमाला
जनजाति / समुदाय – कोनयक नागा
स्थानीयता – दीमापुर, नागालैंड
माप – लंबाई – 58.5 सेमी., मध्य पेंडेंट की चौड़ाई – 7 सेमी.
वर्ग – ‘ए’

‘सप्ताह का प्रादर्श’ – ‘OBJECT OF THE WEEK
(6th to 12th July, 2020)

Due to spread of COVID-19 pandemic the museums throughout the world are closed but identifying different innovative ways to remain connected to their visitors. Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya (National Museum of Mankind) has also taken up many new initiatives to face the challenges posed by this pandemic. In one such step it is coming up with a new series entitled ‘Object of the Week’ to showcase its collection from all over India. Initially this series will focus on the masterpieces from its collection which are considered as unique for their contribution to the cultural history of a particular ethnic group or area. These masterpieces belong to the “AA” & “A” category. There are 64 objects in these categories.

Ranimala is an ornament of pride, dignity, and social status of a woman among the Konyak  Nagas. It literally means a necklace of the queen. Traditionally, a heavy ornament of this kind marks the hierarchical social system of the Konyak Naga tribe. The Chief’s (Ang) wife used to wear beaded jewellery in great profusion, richly ornamented with brass dangles, jingles, bells, and sea-shells. The necklace comprises of old ceramic and glass-beads, known as Wangsha. Different shapes of blue, black and white beads are stranded in five threads with three fin-like pendants. It also has a broad strap of small red, blue, and black-beads with jingles and bells hung to it. Pendants of this kind are very much familiar among the Konyak warriors who wear it as chest ornament signifying their headhunting status. Dotted motifs on the pendant’s surface depict their tattoo marks while the curve-like figure represents the tusks of wild boar. They adorn this during their social functions, festivals, and marriage celebrations. This alluring necklace loaded with valuable ornaments glorifies the status of a chieftain’s wife and projects the social hierarchy and dignity maintained in the Naga society.

Necklace of the Naga Chief’s wife
Accn. No.-98.860
Local Name: RANIMALA
Tribe/Community: Konyak Naga
Locality: Dimapur, Nagaland
Measurement: Length – 58.5 cm., Max. Breadth of the middle pendant – 7 cm.

Category – ‘A’

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