06 से 12 सितंबर, 2021/06th to 12th September, 2021

‘सप्ताह का प्रादर्श-67’
(06 से 12 सितंबर, 2021 तक)

कोविड-19 महामारी के प्रसार के कारण दुनिया भर के संग्रहालय बंद है लेकिन यह सभी अपने दर्शकों के साथ निरंतर रूप से जुड़े रहने के लिए विभिन्न अभिनव तरीके अपना रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय ने भी इस महामारी द्वारा प्रस्तुत की गई चुनौतियो का सामना करने के लिए कई अभिनव प्रयास प्रारंभ किए है। अपने एक ऐसे ही प्रयास के अंतर्गत मानव संग्रहालय ‘सप्ताह का प्रादर्श’ नामक एक नवीन श्रृंखला प्रस्तुत कर रहा है। पूरे भारत से किए गए अपने संकलन को दर्शाने के लिए संग्रहालय इस श्रंखला के प्रारंभ में अपने संकलन की अति उत्कृष्ट कृतियां प्रस्तुत कर रहा है जिन्हें एक विशिष्ट समुदाय या क्षेत्र के सांस्कृतिक इतिहास में योगदान के संदर्भ में अद्वितीय माना जाता है। यह अति उत्कृष्ट कृतियां संग्रहालय के ‘AA’और ‘A’ वर्गों से संबंधित हैं। इन वर्गों में कुल 64 प्रादर्श हैं।

मारा चिरापम गणेश
काष्ठ निर्मित गणेश की प्रतिमा

मारा सिरपम भगवान गणेश की एक उत्कृष्ट काष्ठ प्रतिमा है, जो तमिलनाडु के शिवगंगा जिले के चेट्टियार समुदाय से संकलित की गई है। चेट्टियार समृद्ध व्यापारी रहे हैं जो ज्यादातर दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ व्यापार करते थे। उनका अधिकांश धन  भव्य इमारतों के निर्माण और उनकी अंदरूनी सजावट में खर्च होता था। चतुर्भुज गणेश की इस सुंदर प्रतिमा को एक ऊँचे कमलासन पर उनके वाहन मूषक की पीठ पर नृत्य की मुद्रा में दर्शाया गया है। प्रतिमा अत्यधिक अलंकरण और समस्त आयुधों से युक्त कर विस्तार से उकेरी गई है। प्रतिमा के ऊपरी भाग को पत्तियों, फूलों और पक्षियों से अलंकृत किया गया है।  चेट्टियारों के महलनुमा घर काष्ठ उत्कीर्णन कौशल के उत्कृष्ट केंद्र थे। देवी-देवताओं, वनस्पतियों और जीवों की सूक्ष्मता से उत्कीर्णित लकड़ी की प्रतिमाएं उनकी वास्तुकला के महत्वपूर्ण तत्व हैं।

आरोहण क्रमांक – 98.1000
स्थानीय नाम मारा चिरापम गणेश – काष्ठ निर्मित गणेश की प्रतिमा
समुदाय – चेट्टियार
स्थानीयता –शिवगंगा, तमिलनाडु
माप –ऊंचाई – 177 सेमी, चौड़ाई – 38 सेमी

OBJECT OF THE WEEK-67
(06th to 12th September, 2021)

Due to spread of COVID-19 pandemic the museums throughout the world are closed but identifying different innovative ways to remain connected to their visitors. Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya (National Museum of Mankind) has also taken up many new initiatives to face the challenges posed by this pandemic. In one such step it is coming up with a new series entitled ‘Object of the Week’ to showcase its collection from all over India. Initially this series will focus on the masterpieces from its collection which are considered as unique for their contribution to the cultural history of a particular ethnic group or area. These masterpieces belong to the “AA” & “A” category. There are 64 objects in these categories.

Mara Chirapam- Ganesh
Wooden sculpture of Ganesh

Mara Sirpam Ganesh is an exquisite wooden sculpture of Lord Ganesh collected from the Chettiar community of Sivaganga district, Tamil Nadu. Chettiars were flourishing merchants who mostly traded with the south-east Asian countries. Maximum of their wealth were spent in building palatial houses and in decorating their interiors. This beautiful four-armed sculpture of dancing Ganesh is shown riding his vehicle Mushak (mouse) on a high lotus pedestal. The image is profusely carved with minute details, heavy ornamentation, and attributes. The upper part of the sculpture is decorated with leaves, flowers, and birds. Chettiar palatial homes were a centre of excellence in wood carving skills. Delicately carved wooden sculptures of God and Goddesses, flora and fauna are important elements present in their architecture.

Acc. No. –98.1000
Local Name  – 
 Mara Sirpam Ganesh – Ganesh- Wooden sculpture of Ganesh
Tribe/Community – Chettiar

Locality   –  Sivaganga, Tamil Nadu.
Measurement – Height – 177cm., Width – 38 cm

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