28-31 मई / May, 2020

सप्ताह का प्रादर्श
28-31 मई, 2020 

कपाल
एक आनुष्ठानिक कटोरा

कपाल हिमालयी क्षेत्र के बौद्ध समुदायों में तांत्रिक आनुष्ठानों में उपयोग किया जाने वाला एक पात्र है। इसके खूबसूरती से गढ़े गए तीन मूल भाग – आधार, धारक और ढक्कन है। इस प्रादर्श का मुख्य आकर्षण आनुष्ठानिक कटोरे के रूप में प्रयुक्त मानव कपाल के एक हिस्से की उपस्थिति है।  कई तिब्बती शिल्पों और चित्रों में दर्शाए गए क्रुद्ध बौद्ध देवी-देवताओं को हाथ में कपाल लिए दिखाया गया है। इस प्रादर्श में छोटी बड़ी लहरों वाले प्रभावशाली अभिप्रायो के माध्यम से रक्त के सागर का प्रतीकात्मक अंकन बहुत खूबसूरती से किया गया है। ढक्कन के शीर्ष पर लगाई गई घुण्डी दोरजे (एक अनुष्ठानिक अस्त्र) का द्य®तक है। ढक्कन का निचला भाग कतिपय अर्ध-मूल्यवान रत्नों से सुसज्जित है। कपालों का इस्तेमाल आध्यात्मिक उद्देश्यों हेतु तंत्र के माध्यम से चेतना की उच्च अवस्था को प्राप्त करने के लिए किया जाता था। बौद्ध मठों में इसे कुपित देवी-देवताओं को अर्पित करने के लिए रक्त और मांस के प्रतीक के रूप में प्रयुक्त लोई और केक को रखने वाले पात्र के तौर पर किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि यह मृतक के सद्गुणों और दुर्गुणों को धारण करने वाला पात्र है। यह विश्वास किया जाता है कि यदि इसे उचित धार्मिक निर्देशों और तांत्रिक व्यवहारों के साथ उपयोग किया जाए तो यह हानिकारक प्रभावों को टाल सकता है।

आरोहण क्रमांक –   79.21 समुदाय – बौद्ध  स्थान – लद्दाख, भारत माप : ऊँचाई – 41.5 CMS चैड़ाई- 19.5 CMS श्रेणी : AA

Object of the week
28-31 May,  2020

KAPALA
A ritual skull bowl

 Kapala is a skull bowl used in tantric rituals among Buddhist communities of Himalayan region. This object has intricately carved three basic parts -the base,  the holder and the lid. The main attraction of this object is the presence of an upper part  of human skull used as ritual bowl. Many Tibetan sculptures and paintings depicting wrathful Buddhist deities are shown with Kapalas in their hands. Impressive Buddhist designs of waves and ripples are nicely depicted representing an ocean of blood. The knob fixed at the top of the lid symbolises Dorje (a ritual weapon). The lower part of the lid is also decorated with a few semi-precious stones. Kapalas were used for spiritual purposes to achieve higher state of consciousness through tantra. In Buddhist monasteries, it is used as an oblation bowl to hold dough and cakes symbolizing flesh and blood offered to the wrathful deities.  It is also regarded as Karmic vessels that contains bad and good qualities of the dead. It is believed that Kapala can avoid harms if it is used with proper religious instructions and tantric conducts.
Accession No.:   79.21 Community : Buddhist Locality : Ladakh, India Measurement : Height – 41.5 cm. Breadth – 19.5 cm.  Category : ‘AA’

First Object of the Week-May 2020
A ritual skull bowl

 28-31 मई / May, 2020

1 – 7 जून / June, 2020

8 -14 जून / June, 2020

15 -21 जून / June, 2020

22 -28 जून / June, 2020

29 जून से 5 जुलाई, 2020 तक / 28th June to 5th July, 2020

6 से 12 जुलाई /July, 2020

4 Replies to “28-31 मई / May, 2020”

  1. Its a very nice initiative By Manav Sangrahalaya Bhopal during lockdown by displaying a new Ethnographic Object every week online. Congratulations.

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