तमिलनाडु के पुनीत वन -Sacred Groves of Tamilnadu

तमिलनाडु के पुनीत वन

प्रकृति की आराधना, भारत की प्राचीन पंरपरा का अंग है। पुनीत वन जो कि प्रकृति पूजा का ही एक रूप हैं, तमिलनाडु के हर गांव के परिदृश्य का हिस्सा हैं। इन उपवनों मे कई बार मंदिर भी होते है। सर्पदेव इन सभी उपवनों मे मूल देवता के रूप में प्रतिष्ठित है, किन्तु कई स्थानों पर इनके साथ-साथ अय्यप्पन, मुरूगन एवं अम्मन की भी पूजा अर्चना-होती है। पूर्णिमा के अवसर पर विभिन्न समुदायों के लोग मिलकर यहां पूजा करते है। ग्रामवासियों का विश्वास है कि यही वन परोक्ष या अपरोक्ष रूप से उनकी आजीविका का निर्वाह करते है साथ ही, प्राकृतिक विपदाओं से भी रक्षा करते है। कोविल काडु में उगने वाले अनेक पेड-पौधों मे बेल, गुग्गल, महुआ, नारियल, पांरिजात, आम, हर्रा, चक्षु, आंवला आदि प्रमुख हैं। प्राकृतिक रूप से लगे इन वनों की रक्षा कर उसे पुनीत वन का दर्जा दिया जाता है तथा अनेक बार ये उपवन की तरह समुदायों द्वारा लगाये भी जाते है जिन्हें थिरूण्डवन कहते है। इन उपवनों में लगे फूल केवल देवताओं को चढ़ाने के लिये ही प्रयुक्त होते है। ऐसे उपवन श्रीरंगम, चिदम्बरम, सुंचीन्द्रम, मदुराई तथा श्री विल्लपुथुर में देखे जा सकते है।

तमिलनाडु के पुनीत वनों से जुडे देवताओं की पाषाण मूर्तियां तथा उनके अनुष्ठानों से जुड़ी विभिन्न वस्तुओं का प्रदर्शन तथा तमिलनाडु से लाये गये विभिन्न पेड-पौधों की प्रजातियों के रोपण के साथ कोविल काडू की स्थापना संग्रहालय परिसर में की गयी है।

Kovil Kadu – Sacred Groves of Tamilnadu

Nature worship is an ancient Indian tradition. Sacred grove which represents one form of nature worship, is a component of the village land scape in Tamil Nadu. Many groves have temples within them. While the residing deity in most of the sacred groves is the snake god, ‘Ayyappan’, ‘Murugan’ and ‘Amman’ are also worshipped in some places. On full moon days, communities offer prayers collectively. The villagers believe that the groves provide livelihood directly or indirectly and restrict natural catastrophes. Trees, shrubs & herbs, climbers and lianas like Aegle marmelos Corr. (bel), Alianthus malabaricaWall (gugul), Bassia latifolia Roxb (Mahua), Cocos nucifera L. (coconut), Erythrina indica Lam (parijata), Mangifera indica L. (mango), Terminalia spp. (harra), Cassia tora L. (chaksu), Ervatamia spp., Parviflora Rox. (maula), are grown in Kovil-Kadus. Apart from natural sacred groves, where natural vegetation has been protected, there are sacred gardens, locally created. These are called Thirundavanas. These gardens are meant exclusively for growing flowers for the deity. Such gardens are found in Srirangam, Chidambaram, Suchindram, Madurai and Srivilliputhur. The Kovil- Kadu comprises sculptures of Tamil folk deities and saplings from Tamilnadu.