सरना – Sarna

सरना – झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ के पुनीत वन

झारखण्ड के छोटा नागपुर क्षेत्र तथा छत्तीसगढ़ क्षेत्र में पुनीत वन के लिये सरना शब्द प्रयुक्त होता है। गांव के परिवेश में विभिन्न समुदायों के लिये सरना एक धार्मिक स्थान है जहां ग्राम देवता निवास करते हैं। सरना में धार्मिक आस्था रखने वालो में मुण्डा, ओरांव, कोरवा तथा राओतिया समुदाय प्रमुख है। ‘महादानी सारना‘ सरना का ही एक प्रकार है जो कई गांवो मे पाया जाता है। इसके प्रमुख देव, महादानी है जो समस्त गांव को  प्राकृतिक विपदाओं एवं बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। सरना में पाये जाने वाले मुख्य वृक्ष हैं- साल, पीपल, बहेड़ा, बरगद आदि। सरना से जुडे़ हुए पर्व-अनुष्ठानों में सरहुल सर्वोपरि है जो साल वृक्ष में फूल लगने के समय (मार्च-अप्रैल) में मनाया जाता है। इस दिन से नए वर्ष का आरम्भ भी माना जाता है। बैंलों की पूजा का पर्व, कड़लेता धान के अंकुरण का पर्व, हरियाली, फसल के पकने का पर्व, नवाखानी भी सरना से जुडे हुए हैं। गांव का पुजारी (पाहन) बैगा सरना में लगे वृक्षों की देखभाल तथा विभिन्न अनुष्ठानों को सम्पन्न करता है। संग्रहालय परिसर में सरना देवस्थानों तथा उससे जुड़ी पेड़-पौधों की प्रजातियों का रोपण छत्तीसगढ़ से किया गया है।

Sarna–Sacred Groves of Jharakhand and Chattisgarh

Sarna is the term used to refer a sacred grove in the Chotanagpur plateau (Jharkhand) and Chhattisgarh. Sarna is a religious centre of the community within the village eco-system where the village deity resides. The Munda, Oraon, Korwa and Raotia etc. are communities having belief in the Sarna religion. Mahadani Sarna is a type of Sarna found in many villages. Its deity is Mahadani (a male god), who is trusted to be protecting the village and its property from various natural calamities and diseases. The village would regularly conduct rituals in the Sarna. The prominent trees found in Sarnas are shorea robusta (Sal), Ficus religiosa (Peepal), Terminalia bellirica (Behara), Ficus benghalensis (Bargad) etc. The most prominent ritual associated with the Sarna is Sarhul. It is celebrated in march-april, at the time of flowering of Sal tree to make the beginning of new year. Other festivals like Kadleta (worship of oxen), Hariyali (crop growth festival), and Nawakhani (crop harvest festival) are also associated with Sarna. The religious representative of the village, known as Pahan / Baiga, takes care of the vegetation of the Sarna and carries out the rituals at Sarna. The Sarna has been inducted from Chhattisgarh.