13-19 जुलाई/July, 2020

‘सप्ताह का प्रादर्श’ – ‘OBJECT OF THE WEEK
13-19 जुलाई, 2020 तक)

कोविड-19 महामारी के प्रसार के कारण दुनिया भर के संग्रहालय बंद है लेकिन यह सभी अपने दर्शकों के साथ निरंतर रूप से जुड़े रहने के लिए विभिन्न अभिनव तरीके अपना रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय ने भी इस महामारी द्वारा प्रस्तुत की गई चुनौतियो का सामना करने के लिए कई अभिनव प्रयास प्रारंभ किए है। अपने एक ऐसे ही प्रयास के अंतर्गत मानव संग्रहालय ‘सप्ताह का प्रादर्श’ नामक एक नवीन श्रृंखला प्रस्तुत कर रहा है। पूरे भारत से किए गए अपने संकलन को दर्शाने के लिए संग्रहालय इस श्रंखला के प्रारंभ में अपने संकलन की अति उत्कृष्ट कृतियां प्रस्तुत कर रहा है जिन्हें एक विशिष्ट समुदाय या क्षेत्र के सांस्कृतिक इतिहास में योगदान के संदर्भ में अद्वितीय माना जाता है। यह अति उत्कृष्ट कृतियां संग्रहालय के ‘AA’और ‘A’ वर्गों से संबंधित हैं। इन वर्गों में कुल 64 प्रादर्श हैं।

मुख़ौटा शब्द से आशय है, जो वेश बदलने के लिए चेहरे को ढकता है। मुख़ौटा सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का एक महत्वपूर्ण माध्यम है जो समुदाय के सामाजिक लोकाचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहाँ प्रस्तुत प्रादर्श एक बौद्ध भिक्षु का अलंकृत काष्ठ मुखौटा है जो एक अद्भुत कलाकृति है। यह एक महत्वपूर्ण बौद्ध देवता, महाकाल का प्रतिनिधित्व करता है। महाकाल पूरे हिमालयी क्षेत्र में बौद्ध समुदायों के समारोहों में हमेशा उपस्थित प्रतीत होते हैं। महाकाल को ज्यादातर पांच खोपड़ी वाले मुकुट के साथ दर्शाया जाता है, जो पांच नकारात्मक आसक्तियों के पांच बौद्धिक चेतनाओं में रूपांतर का प्रतिनिधित्व करता है। तीसरी आँख सर्वज्ञता का ज्ञान व्यक्त करती है। राक्षसों के पारंपरिक मुखौटे, बौद्ध पंथ , पशुओं आदि का  बौद्ध समुदायों के धार्मिक और पवित्र अनुष्ठानिक प्रदर्शनों में मुख्य रूप से उपयोग किया जाता है। बौद्ध भिक्षु और लामा इन मुखौटों को अपने चेहरे पर पहनते हैं और नृत्य करते हैं। ऐसा विश्वास है कि इस तरह के मुखौटों का उपयोग बुरी आत्माओं को हराने के लिए किया जाता है और समारोहों के लिए इस्तेमाल नहीं किए जाने पर उन्हें गोम्पा (मठ) में लटका कर रखा जाता है।

आरोहण संख्या – 93.68
स्थानीय नाम – मुख़ौटा
, बौद्ध भिक्षु का अलंकृत काष्ठ मुखौटा
जनजाति / समुदाय – किन्नौरी
स्थानीयता – किन्नौर, हिमाचल प्रदेश
माप – लंबाई – 29 सेमी., चौड़ाई – 22 सेमी.
वर्ग – ‘ए’

‘सप्ताह का प्रादर्श’ – ‘OBJECT OF THE WEEK
(13th to 19th July, 2020)

Due to spread of COVID-19 pandemic the museums throughout the world are closed but identifying different innovative ways to remain connected to their visitors. Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya (National Museum of Mankind) has also taken up many new initiatives to face the challenges posed by this pandemic. In one such step it is coming up with a new series entitled ‘Object of the Week’ to showcase its collection from all over India. Initially this series will focus on the masterpieces from its collection which are considered as unique for their contribution to the cultural history of a particular ethnic group or area. These masterpieces belong to the “AA” & “A” category. There are 64 objects in these categories.

The word Mukhota denotes mask that covers the face in order to disguise. Mask is an important medium of cultural expression which plays a significant role within the social ethos of the community. The object presented here is a decorated wooden mask of a Buddhist monk  and is a magnificent piece of art- work. It represents the character of Mahakala, an important Buddhist deity. Mahakala seems to be always present in the ceremonies of Buddhist communities throughout the Himalayan region. It is mostly depicted with a crown having five skulls representing the transmutation of five negative affections into five wisdom. The third eye expresses the wisdom of omniscience. Traditional masks of demons, Buddhist pantheons, animals etc. are predominantly used in religious and sacred ritualistic performances among the Buddhist communities. Buddhist monks and Lamas wear these masks on their faces and perform dance. Such masks are used with a belief to defeat evil spirits and are kept hanging in the gompas (monasteries) when not being used for ceremonies.

Accn. No.-93.68
Local Name: MUKHOTA, Wooden mask of lama
Tribe/Community: Kinnauri
Locality: Kinnaur, Himachal Pradesh
Measurement: Length – 29 cm., Breadth-22 cm.

Category – ‘A’

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