मछुआरों का गांव – FISHERMEN VILLAGE

मछुआरों का गांव

इस प्रदर्शनी में अरटागुडा, जिला- एलाप्पुझा, केरल से मछुआरों के एक गांव के एक हिस्से को पुनर्संरचित किया गया है। घरों के अंदर घरेलू और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी वस्तुओं को मूल शैली में रखा गया है। उनके द्वारा मत्स्य आखेटन हेतु इस्तेमाल की जा रही नौका को भी उनकी पारंपरिक छतों के नीचे रखा गया है।

      यह पारंपरिक आवास समुद्र तट की रेतीले सतह पर बनाये जाते हैं। कुछ मामलों में लेटराइट पत्थरों या मलबे की एक परत नींव के रूप में बनायी जाती है जबकि कुछ मामलों में इसे भी हटा दिया जाता है। नींव के आकार के अनुकूल नारियल के पेड़ के तने से बना एक आयताकार फ्रेम आधार पर रखा जाता है। घर की छत को सहारा देने के लिए बने लकड़ी के खंबे फ्रेम के चारों कोनों और किनारों पर लगाये जाते हैं। बांस की इस संरचना के ऊपर नारियल के पत्तों से निर्मित चटाई से उल्टे V की आकृति में छप्पर का निर्माण किया जाता है। घर के भीतर कक्षों के विभाजन हेतु भी चटाई का उपयोग किया जाता है। फर्श को गाय के गोबर से इतनी सुंदरता से लीपा जाता है कि यह लगभग सीमेंट की सतह जैसा दिखता है। घर और उसके आसपास के क्षेत्र को हमेशा साफ-सुथरा रखा जाता है।

FISHERMEN VILLAGE

            In this exhibition a corner of fishermen village of Arataguda village of Alappuzha district, Kerala has been recreated. Inside the houses the objects associated with domestic and economic activities have been kept in original style. The boats being used by them have also been kept under their traditional roofs.

      These huts are constructed on the sandy beach on flimsy foundation. In certain cases a layer of laterite stones or rubble serves as the foundation whereas in some cases even this is dispensed with. A rectangular frame made of the stem of coconut tree suiting the dimensions of the foundation is placed over the base. Pillars intended to support the roofing of the house are fixed to the four corners and sides of the wooden frame. The roof in the shape of an inverted ‘V’ is fabricated with bamboo or read rafters over these beams and thatched with plaited cadjan. The wall of the house are made by screening the space between the pillars with plaited cadjan for bamboo mat fixed on a frame of bamboo or reed. The floor is coated with cow dung so smoothly that it almost looks like a cemented surface. The houses and surrounding are always kept neat.