27 सितंबर से 03 अक्टूबर 2021/27th September to 03rd October 2021

‘सप्ताह का प्रादर्श-70’
(27 सितंबर से 03 अक्टूबर 2021 तक)

कोविड-19 महामारी के प्रसार के कारण दुनिया भर के संग्रहालय बंद है लेकिन यह सभी अपने दर्शकों के साथ निरंतर रूप से जुड़े रहने के लिए विभिन्न अभिनव तरीके अपना रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय ने भी इस महामारी द्वारा प्रस्तुत की गई चुनौतियो का सामना करने के लिए कई अभिनव प्रयास प्रारंभ किए है। अपने एक ऐसे ही प्रयास के अंतर्गत मानव संग्रहालय ‘सप्ताह का प्रादर्श’ नामक एक नवीन श्रृंखला प्रस्तुत कर रहा है। पूरे भारत से किए गए अपने संकलन को दर्शाने के लिए संग्रहालय इस श्रंखला के प्रारंभ में अपने संकलन की अति उत्कृष्ट कृतियां प्रस्तुत कर रहा है जिन्हें एक विशिष्ट समुदाय या क्षेत्र के सांस्कृतिक इतिहास में योगदान के संदर्भ में अद्वितीय माना जाता है। यह अति उत्कृष्ट कृतियां संग्रहालय के ‘AA’और ‘A’ वर्गों से संबंधित हैं। इन वर्गों में कुल 64 प्रादर्श हैं।

मारा चेम्बु
पवित्र जलपात्र

मारा चेम्बू पीतल से बना एक पात्र है जिसका उपयोग हिंदू मान्यताओं के अनुसार धार्मिक अनुष्ठानों के निमित्त पवित्र जल भंडारण हेतु किया जाता है।  ढक्कन पर एक घुमाया जा सकने वाला हत्था लगा है जिसे आवश्यकतानुसार पात्र को उठाने और उसे खोलने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसका मुख्य हिस्सा गोलाकार है जिसमें गर्दन का हिस्सा अंदर की ओर दबा हुआ और मुंह बेलनाकार तथा संकरा है। ढक्कन पात्र का एक महत्वपूर्ण घटक है जो पवित्र जल का सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करता है और शुद्धता बनाए रखता है। सतह पर रखे जाने पर पूरी संरचना को सहारा देने के लिए आधार को गोलाकार फैलाव के साथ बढ़ाया गया है। हिंदू रीति-रिवाजों में, पवित्र जल का छिड़काव  पूजास्थल , पूजन सामग्रियों, देवताओं को अर्पित किए जाने वाले चढ़ावे और भक्तों को दिए जाने वाले प्रसादों की शुद्धि के लिए किया जाता है । हिंदू समुदायों में जन्म से लेकर मृत्यु तक के सभी समारोहों में इस पात्र का बहुत महत्व है और भगवान शिव और अन्य देवताओं के अभिषेक के दौरान पवित्र जल या दुग्ध अर्पण के लिए व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। यह भी मान्यता है कि गंगा जल (पवित्र जल) से भरा बर्तन घर में रखना शुभ होता है और इसे धैर्य, शांति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। यह शक्ति, सकारात्मकता और आरोग्य लाता है।

आरोहण क्रमांक –2014.139
स्थानीय नाम मारा चेम्बु, पवित्र जलपात्र
समुदाय – ब्राह्मण
स्थानीयता –पूर्वी गोदावरी, आंध्र प्रदेश
माप –ऊँचाई- 30 सेमी, गोलाई – 63 सेमी, ढक्कन का व्यास – 12 सेमी

OBJECT OF THE WEEK-70
(27th September to 03rd October 2021)

Due to spread of COVID-19 pandemic the museums throughout the world are closed but identifying different innovative ways to remain connected to their visitors. Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya (National Museum of Mankind) has also taken up many new initiatives to face the challenges posed by this pandemic. In one such step it is coming up with a new series entitled ‘Object of the Week’ to showcase its collection from all over India. Initially this series will focus on the masterpieces from its collection which are considered as unique for their contribution to the cultural history of a particular ethnic group or area. These masterpieces belong to the “AA” & “A” category. There are 64 objects in these categories.

MARA CHEMBU
Sacred Water Pot

Mara Chembu is a brass-made pot used for storing holy water to perform religiously ordained rituals of sanctity according to the Hindu belief and principles. It has a swing handle attached on the lid and the shape is purposefully built to meet dual functions for carrying and uncovering the container when required. It has a round body with sunken neck and narrow cylindrical mouth. A cap-like lid covering the cylindrical mouth is an important component of the pot that ensures safe carriage of the holy water, maintain purity and also to avoid unwanted loss from the container. The base is extended with a circular flare to give proper support to the whole structure when it is kept on a surface. In Hindu rituals, holy water is sprinkled to purify the place, items used in the worship, articles offered to the deities and Prasadas served to the devotees. The pot has enormous importance in  all the ceremonies from birth to death, among the Hindu communities and widely used for offering holy water or milk during the Abhishek (consecration) of Lord Shiva and other gods. It is also believed that the pot filled with Gangajal (sacred water) is auspicious for the house and considered to be the symbol of ascetics, peace, and prosperity. It brings strength, positiveness, and healing.

Acc. No. 2014.139
Local Name  – 
 MARA CHEMBU, Sacred Water Pot
Tribe/Community – Brahmin

Locality   –  East Godavari, Andhra Pradesh
Measurement – Height – 30 cm., Circumference– 63 cm., Diameter of Lid – 12 cm.

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