10-16 अगस्त/August, 2020

‘सप्ताह का प्रादर्श’
(10-16 अगस्त, 2020 तक)

गाड़ी, एक पारंपरिक बैलगाड़ी

कोविड-19 महामारी के प्रसार के कारण दुनिया भर के संग्रहालय बंद है लेकिन यह सभी अपने दर्शकों के साथ निरंतर रूप से जुड़े रहने के लिए विभिन्न अभिनव तरीके अपना रहे हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय ने भी इस महामारी द्वारा प्रस्तुत की गई चुनौतियो का सामना करने के लिए कई अभिनव प्रयास प्रारंभ किए है। अपने एक ऐसे ही प्रयास के अंतर्गत मानव संग्रहालय ‘सप्ताह का प्रादर्श’ नामक एक नवीन श्रृंखला प्रस्तुत कर रहा है। पूरे भारत से किए गए अपने संकलन को दर्शाने के लिए संग्रहालय इस श्रंखला के प्रारंभ में अपने संकलन की अति उत्कृष्ट कृतियां प्रस्तुत कर रहा है जिन्हें एक विशिष्ट समुदाय या क्षेत्र के सांस्कृतिक इतिहास में योगदान के संदर्भ में अद्वितीय माना जाता है। यह अति उत्कृष्ट कृतियां संग्रहालय के ‘AA’और ‘A’ वर्गों से संबंधित हैं। इन वर्गों में कुल 64 प्रादर्श हैं।

गाड़ी -गाडोलिया लोहार समुदाय की  पारंपरिक बैलगाड़ी है। गाडोलिया लोहार घुमंतु समुदाय हैं और मुख्य रूप से राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी महाराष्ट्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पाए जाते हैं। ये पारंपरिक रूप से तय मार्ग पर एक से दूसरे गांव आते जाते रहते हैं। इस समुदाय में गाड़ी एक परिवार के लिए उनका आवास भी है, जिसमें उनके जीवन यापन के लिए आवश्यक सभी वस्तुएं होती हैं। यह समुदाय कुछ दिनों के लिए एक गाँव में डेरा डालते हैं और इस दौरान न केवल नए औजार बनाते हैं, बल्कि ग्रामीणों के लोहे के पुराने औजारों की मरम्मत भी करते हैं।

गाडोलिया लोहार की बैलगाड़ी अन्य ग्रामीणों की बैलगाड़ी की तुलना में भारी और मजबूत होती है।​ इसके निर्माणक तत्व “थालिया” व “पीचला” में निहित होते हैं। “थालिया” गाड़ी के अगले भाग में एक बड़ी और तिकोनी आलमारीनुमा संरचना होती है, जो लकड़ी के तख्तों से सभी तरफ से ढकी होती है। इसके पीछे की तरफ एक छोटा दरवाजा होता है। “पीचला” अर्थात गाड़ी के मध्य और पीछे का भाग एक बड़ा घनाकार कक्ष होता है  जो ऊपर से खुले और एक दूसरे से जुड़े तीन दीवारों से घिरा होता है जिससे कि उसमें रखी वस्तुएं बाहर ना गिरे।

आरोहण क्रमांक :  94.52
जनजाति/समुदाय : गाडोलिया लोहार 
स्थान: राजस्थान
माप: लंबाई  : 380 सेमी;  चैड़ाई: 180 सेमी; मोटाई: 181 सेमी;

श्रेणी :’A‘ 

OBJECT OF THE WEEK
(10-16 August, 2020)

GADI, a traditional bullock cart

Due to spread of COVID-19 pandemic the museums throughout the world are closed but identifying different innovative ways to remain connected to their visitors. Indira Gandhi Rashtriya Manav Sangrahalaya (National Museum of Mankind) has also taken up many new initiatives to face the challenges posed by this pandemic. In one such step it is coming up with a new series entitled ‘Object of the Week’ to showcase its collection from all over India. Initially this series will focus on the masterpieces from its collection which are considered as unique for their contribution to the cultural history of a particular ethnic group or area. These masterpieces belong to the “AA” & “A” category. There are 64 objects in these categories.

Gadi is a traditional bullock cart of Gadolia Lohar community. They are mainly found in Rajasthan, Gujarat, Madhya Pradesh, Punjab, Haryana, Western Maharashtra and Western Uttar Pradesh. Gadolia Lohars are nomadic blacksmith and move from one village to another on a traditionally fixed route. The Gadi also forms an abode for a Gadolia Lohar family which contains all the possessions and necessities required for their living. Usually they camp in a village for few days during which they make not only new implements but also mend old iron implements of the villagers.

The Gadulia Lohar bullock cart is heavier and sturdier than the usual village bullock cart.The typical construction lies in its “Thalia” and the “Peechla”. The “Thalia” is a sufficiently large, triangular-shaped cup-board, covered on all sides with wooden planks and having a small door at the back side. It forms the front portion of the cart. The “Peechla”, i.e. the middle and rear portion of the cart is a large cubical structure. It is open from above and is surrounded by three walls adjacent to each other which prevent the things from falling off.


Accession No.:   94.52  
Tribe/Community: Gadolia Lohar
Locality : Rajasthan
Measurement :  Length  – 380 cm;  Breadth – 180 cm; Thickness – 181 cm.,

Category : ‘A’