कुम्हारपारा – Kumharpara -कुम्हई शक्ताक फूरोन-KUMHEI SHAKTAK PHURON

कुम्हई शक्ताक फूरोन (उत्सवी कुंभ स्तंभ)
समुदाय-मैतयी
क्षेत्र- अन्द्रो गांव,
जिला पूर्वी इंफाल,
राज्य-मणिपुर

कुम्हई शक्ताक फुरोन नाम का यह कुंभ स्तंभ (उत्सवी कुंभ स्तंभ) मणिपुर के अन्द्रो गांव के कुम्हारों द्वारा तैयार किया गया है। इस गांव में मृदभांड बनाने का यह कार्य केवल विवाहित महिलाओं द्वारा ही किया जाता है। ये विभिन्न सामाजिक विश्वासों एवं रिति-रिवाजों का समर्थन करती है जिनका उल्लंघन करना एक गंभीर अपराध है। अन्द्रो कुम्हारों द्वारा इ.गा.रा.मा.सं. में की गई यह स्थापना जोकि एक महोत्सव की शुरुवात का संकेत है, एक विशिष्ट उपलब्धि मानी जाती है। गांव में पहली बार फूरोन की ऐतिहासिक स्थापना गांव वासियों द्वारा ‘विश्व पर्यटन दिवस 2015‘ के आयोजन पर की गई थी। अन्द्रो कुम्हारों ने इस प्रकार के फूरोन (स्तंभ) को उत्सव के प्रतीक के रूप में लगाना शुरू किया था।

KUMHEI SHAKTAK PHURON (Festive Tower of Pots)
Community: Meitei
Area: Andro Village
District: Imphal East
State: Manipur

The tower of pots, named as the Kumhei Shaktak Phuron (festive tower of pots) comes from the Andro potter’s village of Manipur. Pottery craft in this village is practiced only by married women and they endorse discrete social belief and practices, breaching of which is a serious offense. This installation at IGRMS is regarded as the landmark achievement of the Andro potters which marks the beginning of a grand festival. The historic installation of Phuron (tower of pots) for the first time by villagers was held to mark the “World Tourism Day 2015” in the village. Andro potters started raising this kind of Phuron (tower) as a symbol of festivity.