तुई-चांगशु -Tui– Changshu

”तुई-चांगशु”
(धान कूटने का जल संचालित पारंपरिक उत्तोलक)
समुदाय : कुकी जनजाति
ग्राम – हाईपी
जिला- कांगपोकपी
राज्य-मणिपुर
तुई-चांगशु मणिपुर की कुकी जनजाति के लोगों द्वारा व्यापक रूप से उपयोग में किया जाने वाला काष्ठ निर्मित एक पारंपरिक उपकरण है। इसका उपयोग कुकि समुदाय के लोगों द्वारा धान की कुटाई कर उसका भूसा हटाने एवं चावल प्राप्त करने में किया जाता है। कुकी जनजाति उत्तर-पूर्व के विभिन्न राज्यों मणिपुर, असम, मिजोरम एवं त्रिपुरा आदि में मुख्य रूप से पायी जाती है। यह मणिपुर राज्य के कुछ जिलों- कंगपोकपी, चांदेल व सुल्तानपुर इत्यादि में सघन रूप से निवास करती है।
तुई-चांगशु एक विशेष प्रकार का उत्तोलक है जो प्राकृतिक रूप से प्रवाहित जल के प्रवाह से स्वतः ही संचालित होता है। स्थानीय भाषा में थी-शूम कहा जाने वाला खंदक (छोटी डोंगी) का निर्माण खेराई नामक स्थानीय वृक्ष की लकड़ी से किया जाता है। इसकी लंबाई लगभग 12 फीट होती है। इसके एक छोर पर मूसल एवं दूसरे छोर पर प्यालीनुमा नॉकाकृति संरचना होती है। इस नॉकाकृति के प्यालेनुमा भाग के ऊपर तेज बहते हुए जल को काष्ठ निर्मित नाली के द्वारा थी-शूम पर गिराया जाता है। यह उपकरण उत्तोलक की तरह कार्य करता है। नॉकाकृति के प्यालेनुमा भाग में पानी के भरने पर उसका यह भाग अधिक भार के कारण नीचे चला जाता है और इसकी संरचना के अनुरूप नीचे जाकर इससे पानी अलग होकर बाहर निकल निकल जाता है। लकड़ी के प्यालेनुमा भाग से पानी के निकलते ही नॉकाकृति भाग का भार कम हो जाता है जिसके परिणाम स्वरूप वह पुनः ऊपर की ओर बापस आता है। इस प्रक्रिया के परिणाम स्वरूप खंदक का दूसरा छोर व उसमे स्थापित किया गया मूसल नीचे की ओर जाकर जमीन पर स्थापित ओखली में अधिक दवाव के साथ गिरता है।
यह प्रक्रिया सतत चलती रहती है। पत्थर में गड्डा खोदकर तैयार की गई ओखली में धान को रखा जाता है व इसके ऊपर मूसल के द्वारा लगातार आघात किया जाता है।धान के कुटे जाने के बाद उसे निकालकर उसकी जगह पुनः दूसरा धान डाला जाता है।

“Tui– Changshu”
(Traditional pounding lever operated by the water)
Community: Kuki tribe
Village: Haipi
District: Kangpokpi
State: Manipur
Tui – Changshu is a traditional wood-made tool widely used by the Kuki tribe of Manipur state. It is used by the people of Kuki community to hitting paddy and remove rice husk to obtain rice. The Kuki tribe is found primarily in various states of North East Manipur, Assam, Mizoram and Tripura etc. It is densely inhabited in Kangpokpi, Chandel and Sultanpur etc districts of Manipur state.
Tui-Changshu is a typical form of pounding lever that is operated automatically by the flow of naturally flowing water. Dugout called Thi-Shum in the local language is made from the wood of a local tree called Kherai. Its length is about 12 feet. The pestle at one end and the cup-shaped trench at the other end is a dugout shaped structure. Fast flowing water over the cup shaped part of this dugout is dropped on the The-shum by a wooden canal. It acts like a lever. When the water is fully filled in the trench of dugout, it goes down due to weight of water and the water spills out on going down according to its structure. When the trench of dugout gets empty due to spilling of water as a result, the dugout comes back up again. As a result of this process, the other end of the dugout and the pestle installed in it falls downwards with high pressure in the mortar installed on the ground.
This process continuously goes on. Paddy is placed in mortar made by digging in stone, on which the pestle is constantly beaten. After the paddy is crushed, it is taken out and replaced again with another paddy.