बस्तर के कुछ देवी देवता देवी-देवता-THE DEITIES OF BASTAR

बस्तर के कुछ देवी देवता देवी-देवता

कलाकार: श्री लक्ष्मीनाथ कोराम एवं श्री रामूजी सोढ़ी

क्षेत्र: बस्तर, छत्तीसगढ़

यहाँ पर बस्तर के कुछ प्रमुख देवताओं की पाषाण मूर्तियाँ प्रदर्शित हैं : बंजारिन माता, जो बीमारी को गाँव में नहीं आने देती, और हाथ में सब्बल व डलिया लिये आदिवासी युगल झिटकू-मिटकी, राव देव खेतों की रखवाली करने वाले घुड़सवार देवता, डोकरा देव- अच्छी फसल के लिये जिम्मेदार देव, खाण्डाकंकालिनी देवी – यानी खड्ग धारण करने वाली देवी। इन सभी की पूजा मूलतः विपदाओं से बचने तथा खुशहाली के लिये की जाती है।

THE DEITIES OF BASTAR

Artists: Shri Laxminath Koram and Shri Ramuji Sodhi

Region: Bastar, Chhattisgarh

The display includes stone images of some important deities of Bastar including :Banjarin Mata, who protects the village from diseases, Jhitku Mitki, the adivasi couple carrying a basket and a hoe; Rav Dev, the equestrian God who stands gaurd over the standing crop in the fields; Dokra Dev, the deity responsible for good harvest and Khandakankalini, the sword wielding goddess. All these deities are in general propitiated for the well being and protection of the village.