सप्ताह का प्रादर्श-EXHIBIT OF THE WEEK-110

सप्ताह का प्रादर्श-110
(04 से
10 जुलाई 2022 तक)
चिक्कू / सिक्कू

भुत्ता संप्रदाय से संबंधित काष्ठ निर्मित प्रतिमा

चिक्कू या सिक्कू तटीय कर्नाटक के दक्षिणी भाग और केरल के उत्तरी भाग में प्रचलित पारंपरिक भुत्ता संप्रदाय से संबंधित काष्ठ प्रतिमा है। भुत्ता संप्रदाय आत्मा पूजा का एक स्वरूप है। यहां प्रदर्शित मूर्ति में  आत्मा की स्त्री आकृति को सीधे खड़े रूप में दर्शाया गया है। मूर्ति को पारंपरिक गहनों और वेशभूषा से सुसज्जित किया गया है। चेहरे में आकर्षक बड़ी आंखें दर्शाई गई हैं। चिक्कू को सामान्यतः  मेक्किकट्टू के उरु-साले नामक एक अलग कक्ष में स्थापित किया जाता है। यह भुत्ता प्रतिमाओं को रखे जाने का एक निर्दिष्ट स्थान है। ऐसा कहा जाता है कि भुत्ता पंथ दैवीय आत्माओं या अर्ध-देवताओं की पूजा करता है। विश्वास यह है कि इन आत्माओं में उपकारी और अपकारी दोनों गुण होते हैं और यह मनुष्यों के स्वास्थ्य, उर्वरता , भाग्य, भूमि और मवेशियों को प्रभावित कर सकते हैंं अतः इन्हें प्रसन्न रखना आवश्यक होता है। यह भी माना जाता है कि प्रत्येक आत्मा का एक अनूठा रूप, मिथकीय इतिहास, विशेष शक्तियां और संतुष्टि की चाह होती हैं।

मूर्ति का निर्माण इस क्षेत्र में लकड़ी की नक्काशी करने वाले एक समुदाय गुडीगर द्वारा कटहल की लकड़ी से किया गया है और स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों से पारंपरिक रूप से प्राप्त किए गए चमकीले लाल, पीले और काले रंगों का उपयोग करके विशिष्ट रूप से चित्रित किया गया है।

आरोहण क्रमांक – 98.71
स्थानीय नाम – चिक्कू / सिक्कू, भुत्ता संप्रदाय से संबंधित काष्ठ निर्मित प्रतिमा
समुदाय – लोक
स्थान- उडुपी, कर्नाटक
माप- ऊँचाई -49 सेमी, चौड़ाई -17 सेमी



Exhibit of the week- 110
(04th to 10th July 2022)
Chikku/Cikku

(A wooden statue related to Bhutta cult )

Chikku or Cikku is a wooden figure associated with the traditional Bhutta cult prevalent in the southern part of coastal Karnataka and the Northern part of Kerala. Bhutta cult is a form of spirit worship. The present object, personified as the female figure of the spirit is portrayed in a standing posture adorned with traditional ornaments and dresses. The face is alluringly depicted with an expression of bold eyes. Chikku is generally installed in a separate hall called Uru-saale of Mekkikattu which is regarded to be the place where idols representing Bhuttas (the spirits) are congregated in a designated place. It is said that the Bhutta cult worships ethereal spirits or demi-gods.  The belief is that these spirits possess both benevolent and malevolent qualities and could influence human health, fertility, fortune, and the land and cattle; they need to be appeased. It is also believed that every spirit has a unique form, mythic history, special powers, and propitiatory requirements. The idol is crafted by Gudigar, a community of wood carvers in the region. It is prepared from jackfruit wood and uniquely portrayed by using bright red, yellow, and black colours that were traditionally obtained from locally available natural resources.

Acc. No. – 98.71
Local Name – Chikku/Cikku, wooden statue related to Bhutta cult
Community – Folk
Locality – Udupi, Karnataka
Measurement Height –49 cm., Width –17 cm.

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